सिरमौर में 8 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू

rakesh nandan

17/03/2026

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में रबी विपणन सत्र 2025-26 के अंतर्गत गेहूं की सरकारी खरीद 8 अप्रैल 2026 से शुरू की जाएगी। किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा यह खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी।


🌾 MSP पर होगी खरीद

उप निदेशक कृषि राजकुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि गेहूं की खरीद ₹2585 प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर की जाएगी। यह खरीद खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के माध्यम से की जाएगी।


📍 इन केंद्रों पर होगी खरीद

जिले में अधिसूचित खरीद केंद्र निम्न स्थानों पर स्थापित किए गए हैं:

  • पांवटा साहिब

  • धौला कुआं

इन केंद्रों पर ही किसानों से गेहूं की खरीद की जाएगी।


💻 ऑनलाइन पंजीकरण अनिवार्य

किसानों के लिए अपनी उपज बेचने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण करवाना अनिवार्य किया गया है। इसके लिए राज्य सरकार के पोर्टल:

👉 https://hpappp.gov.in

पर पंजीकरण करना होगा।

पंजीकरण प्रक्रिया 1 मार्च 2026 से शुरू हो चुकी है।


🧾 ऐसे कर सकते हैं पंजीकरण

किसान निम्न माध्यमों से पंजीकरण कर सकते हैं:

  • स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर

  • नजदीकी लोकमित्र केंद्र

  • कॉमन सर्विस सेंटर (CSC)

⚠️ बिना पंजीकरण के किसी भी खरीद केंद्र पर गेहूं बेचना संभव नहीं होगा।


📄 आवश्यक दस्तावेज

पंजीकरण के समय किसानों को निम्न दस्तावेज उपलब्ध करवाने होंगे:

  • आधार कार्ड

  • बैंक खाता विवरण

  • भूमि संबंधित दस्तावेज (जमाबंदी/ततीमा)

  • मोबाइल नंबर (OTP सत्यापन के लिए)


🌾 गुणवत्ता मानकों का रखें ध्यान

उप निदेशक कृषि ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसल को खरीद केंद्रों पर लाने से पहले निम्न बातों का विशेष ध्यान रखें:

  • गेहूं अच्छी तरह साफ और सूखा होना चाहिए

  • नमी निर्धारित सीमा के भीतर हो

  • मिट्टी, कंकड़, भूसा आदि की मिलावट न हो

उन्होंने कहा कि निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप फसल लाने पर ही किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल सकेगा।


☔ फसल की सुरक्षा जरूरी

किसानों को सलाह दी गई है कि वे:

  • कटाई और मड़ाई के दौरान सावधानी बरतें

  • बारिश और नमी से फसल को बचाएं

  • उपज को सूखे और सुरक्षित स्थान पर संग्रहित करें

इससे न केवल फसल की गुणवत्ता बनी रहेगी बल्कि उन्हें बेहतर मूल्य भी प्राप्त होगा।


📌 किसानों के हित में पहल

यह सरकारी खरीद व्यवस्था किसानों को उनकी उपज का उचित दाम दिलाने और बिचौलियों से बचाने के उद्देश्य से की जा रही है। जिला प्रशासन ने सभी किसानों से अपील की है कि वे समय रहते पंजीकरण करवाएं और निर्धारित मानकों के अनुसार अपनी उपज खरीद केंद्रों तक पहुंचाएं।