सिरमौर में 8 अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू

rakesh nandan

23/03/2026

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिला में इस वर्ष गेहूं खरीद प्रक्रिया 8 अप्रैल 2026 से शुरू होने जा रही है। किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए कृषि उपज मंडी समिति सिरमौर द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इस बार जिले में गेहूं खरीद के लिए विशेष व्यवस्था की गई है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कृषि उपज मंडी समिति ने इस वर्ष गेहूं खरीद के लिए दो प्रमुख केंद्र स्थापित किए हैं, जिनमें पांवटा साहिब और धौलाकुआं शामिल हैं। इन दोनों केंद्रों पर किसानों से सीधे गेहूं की खरीद की जाएगी। मंडी समिति द्वारा इन केंद्रों पर किसानों के लिए आवश्यक सुविधाएं भी सुनिश्चित की जा रही हैं।

इस वर्ष गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) ₹2585 प्रति क्विंटल निर्धारित किया गया है। यह पिछले वर्ष की तुलना में ₹160 अधिक है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। MSP में बढ़ोतरी से किसानों की आय में सुधार होने की उम्मीद जताई जा रही है और इससे खेती के प्रति उनका उत्साह भी बढ़ेगा।

कृषि उपज मंडी समिति सिरमौर के सचिव अक्षित शर्मा ने बताया कि इस वर्ष जिले में कुल 1000 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य रखा गया है। इसमें से धौलाकुआं केंद्र में 300 मीट्रिक टन और पांवटा साहिब केंद्र में 700 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

उन्होंने बताया कि गेहूं खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। किसानों के लिए पंजीकरण प्रक्रिया पहले ही शुरू कर दी गई है, ताकि खरीद प्रक्रिया के दौरान किसी प्रकार की भीड़ या अव्यवस्था न हो।

मंडी समिति द्वारा किसानों के लिए खरीद केंद्रों पर विभिन्न सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जा रही हैं। इनमें किसानों के बैठने और विश्राम करने की व्यवस्था, पेयजल, भोजन तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं शामिल हैं। इसके अलावा गेहूं की तौल के लिए आधुनिक उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है, ताकि खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और सुचारू रूप से संचालित हो सके।

किसानों को यह भी सलाह दी गई है कि वे अपनी उपज बेचने से पहले पंजीकरण अवश्य करवा लें और निर्धारित तिथि पर ही खरीद केंद्रों पर पहुंचे। इससे समय की बचत होगी और खरीद प्रक्रिया में आसानी होगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि MSP में बढ़ोतरी और बेहतर व्यवस्थाओं के कारण इस वर्ष गेहूं खरीद प्रक्रिया अधिक प्रभावी होगी। इससे किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

यह पहल राज्य सरकार की किसानों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाती है। किसानों को उचित मूल्य और बेहतर सुविधाएं प्रदान कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम है।

अंत में कहा जा सकता है कि सिरमौर जिला में 8 अप्रैल से शुरू होने वाली गेहूं खरीद प्रक्रिया किसानों के लिए राहत लेकर आएगी। मंडी समिति द्वारा की गई तैयारियां यह सुनिश्चित करेंगी कि किसानों को बिना किसी परेशानी के अपनी उपज का उचित मूल्य मिल सके।