सिरमौर में शहरी मतदाता सूची संशोधन कार्यक्रम जारी

rakesh nandan

20/03/2026

सिरमौर जिला में आगामी शहरी निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए मतदाता सूचियों के विशेष संशोधन कार्यक्रम की घोषणा कर दी गई है। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने बताया कि यह प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार शुरू की गई है।

1 अप्रैल 2026 अर्हता तिथि

मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए 1 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।

किन क्षेत्रों में होगा संशोधन

यह संशोधन उन शहरी निकायों के लिए किया जा रहा है:

  • जो सृजन, पुनर्गठन या विभाजन से प्रभावित नहीं हुए हैं

  • जिनकी अंतिम मतदाता सूचियां पहले ही प्रकाशित हो चुकी हैं

28 मार्च तक दावे और आपत्तियां

यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं हुआ है या किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह 28 मार्च 2026 तक अपना दावा या आपत्ति दर्ज कर सकता है। इसके लिए संबंधित कार्यालय में निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होगा।

2 अप्रैल तक निपटारा

दावों और आपत्तियों का निपटारा पुनरीक्षण प्राधिकारी द्वारा 2 अप्रैल 2026 तक किया जाएगा। इससे यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सूची में केवल पात्र मतदाताओं के नाम शामिल हों।

अपील और अंतिम तिथियां

  • अपील की अंतिम तिथि: 10 अप्रैल 2026

  • अपीलों का निपटारा: 17 अप्रैल 2026

  • अंतिम मतदाता सूची प्रकाशन: 20 अप्रैल 2026

अधिकारियों की नियुक्ति

इस प्रक्रिया को सफल बनाने के लिए:

  • सहायक आयुक्त विकास

  • खंड विकास अधिकारी (नाहन, संगड़ाह)

  • अन्य खंड विकास अधिकारी

  • नायब तहसीलदार ददाहु

को पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त किया गया है।

ईआरएमएस सॉफ्टवेयर से होगा काम

मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने के लिए ईआरएमएस (ERMS) सॉफ्टवेयर का उपयोग किया जाएगा, जिससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी।

प्रशासन की अपील

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे समय रहते अपने नाम मतदाता सूची में सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रत्येक नागरिक की भागीदारी इसमें आवश्यक है।

लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम

मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता के लिए जरूरी है। इस प्रक्रिया के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र नागरिक अपने मताधिकार से वंचित न रह जाए।