राजगढ़ मंडी विस्तार, किसानों को घर द्वार बिक्री सुविधा

rakesh nandan

31/03/2026

जिला सिरमौर के ऊपरी क्षेत्रों—विशेषकर नोहराधार और पच्छाद—में लहसुन, अदरक और अन्य नगदी सब्जियों का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाता है। इन क्षेत्रों के किसान लंबे समय से अपनी उपज के बेहतर दाम और विपणन सुविधाओं की मांग करते रहे हैं। अब कृषि उपज मंडी समिति द्वारा किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य दिलाने और घर द्वार पर ही बिक्री की सुविधा उपलब्ध कराने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

इसी क्रम में कृषि उपज मंडी समिति, सिरमौर के सचिव Akshit Sharma ने हाल ही में विभिन्न सब्जी मंडियों और उत्पादन क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने किसानों और व्यापारियों (आढ़तियों) से बातचीत कर उनकी समस्याओं को विस्तार से जाना।

निरीक्षण के दौरान पच्छाद क्षेत्र में यह बात सामने आई कि यहां लहसुन और अन्य सब्जियों का उत्पादन काफी अधिक मात्रा में होता है, लेकिन राजगढ़ सब्जी मंडी का वर्तमान ढांचा इस बढ़ते उत्पादन को संभालने के लिए पर्याप्त नहीं है। व्यापारियों ने मंडी परिसर के छोटे होने और सुविधाओं की कमी को लेकर अपनी चिंताएं व्यक्त कीं।

इस पर संज्ञान लेते हुए मंडी समिति ने राजगढ़ सब्जी मंडी के विस्तार की प्रक्रिया शुरू कर दी है। सचिव अक्षित शर्मा ने बताया कि मंडी विस्तार के लिए भूमि चयन की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है और आने वाले समय में यहां आधुनिक सुविधाओं से युक्त विस्तारित मंडी विकसित की जाएगी। इससे किसानों और व्यापारियों दोनों को लाभ मिलेगा।

इसके अतिरिक्त नोहराधार क्षेत्र में भी किसानों और व्यापारियों के लिए बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जा रहा है। यहां मंडी समिति द्वारा 10 दुकानों का निर्माण किया गया है, जिनकी जल्द ही नीलामी (ऑक्शन) प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इन दुकानों के शुरू होने से स्थानीय स्तर पर ही कृषि उत्पादों की खरीद-बिक्री को बढ़ावा मिलेगा।

मंडी समिति का मुख्य उद्देश्य यह है कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए दूर-दराज के बाजारों में न जाना पड़े। उन्हें उनके घर के पास ही उचित मूल्य मिल सके, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो और परिवहन लागत भी कम हो।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसानों को स्थानीय स्तर पर ही विपणन की सुविधा मिलती है, तो इससे कृषि क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव आते हैं। इससे न केवल किसानों की आय बढ़ती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।

सचिव अक्षित शर्मा ने कहा कि मंडी समिति किसानों के हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों का किसी भी प्रकार से शोषण नहीं होने दिया जाएगा और उनकी उपज के लिए पारदर्शी और उचित मूल्य सुनिश्चित किया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि मंडी समिति द्वारा किसानों को बेहतर मूल्य दिलाने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम किया जा रहा है, जिसमें सीधी खरीद (डायरेक्ट प्रोक्योरमेंट) और स्थानीय मंडियों को सशक्त बनाना शामिल है।

नोहराधार और पच्छाद क्षेत्र पहले से ही नगदी फसलों के उत्पादन के लिए जाने जाते हैं। यहां की जलवायु और भौगोलिक परिस्थितियां लहसुन, अदरक और अन्य सब्जियों की खेती के लिए अनुकूल हैं। ऐसे में यदि विपणन सुविधाओं को मजबूत किया जाता है, तो यह क्षेत्र कृषि के क्षेत्र में और अधिक उन्नति कर सकता है।

कुल मिलाकर, राजगढ़ सब्जी मंडी के विस्तार और नोहराधार में नई सुविधाओं के विकास से सिरमौर के किसानों को बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक होगी, बल्कि कृषि क्षेत्र को भी नई दिशा प्रदान करेगी।