जिला सिरमौर पुलिस द्वारा मंगलवार को नशा विरोधी जागरूकता अभियान एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नाहन विधानसभा क्षेत्र के विधायक अजय सोलंकी मुख्य अतिथि तथा उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
पुलिस अधीक्षक निश्चिंत सिंह नेगी ने अतिथियों का स्वागत किया और नशा रोकथाम में पुलिस द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी साझा की।
युवा देश की रीढ़, नशे से दूर रहें – विधायक अजय सोलंकी
मुख्य अतिथि अजय सोलंकी ने अपने संबोधन में जिला पुलिस द्वारा नशा उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने विद्यार्थियों और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि—
“युवा किसी भी देश की रीढ़ होते हैं। उन्हें नशे के दुरुपयोग से बचना चाहिए और नशे की लत में फंसे लोगों को भी सहयोग और परामर्श देकर सही राह दिखानी चाहिए।”
उन्होंने उपस्थित युवाओं को पीट-एनडीपीएस अधिनियम 1988 के बारे में जानकारी दी और कहा कि नशा न केवल व्यक्ति को बल्कि समाज को भी खोखला कर देता है।
विधायक ने कहा कि जिला सिरमौर में प्रशासन और पुलिस की ओर से जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए नशा विरोधी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
नशा रोकथाम को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता – उपायुक्त प्रियंका वर्मा
विशिष्ट अतिथि प्रियंका वर्मा ने कहा कि नशा एक गंभीर सामाजिक बुराई है और भविष्य की पीढ़ी को नशे से दूर रखने के लिए हिमाचल सरकार ने राज्य में एक व्यापक नशा मुक्त हिमाचल जनआंदोलन शुरू किया है।
उन्होंने कहा कि जिला सिरमौर में भी यह अभियान प्रशासन, पुलिस और अन्य विभागों के समन्वय से प्रभावी रूप से चलाया जा रहा है।
जागरूकता सबसे बड़ा हथियार – एएसपी योगेश रोल्टा
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश रोल्टा ने बताया कि नशा रोकथाम में जागरूकता सबसे प्रभावी माध्यम है।
उन्होंने युवाओं से नशे से दूरी बनाने और नशा मुक्त समाज के निर्माण में सहयोग देने की अपील की।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान—
पुलिस थाना प्रभारी सुरेश मेहता ने नशा विरोधी संदेश दिया।
हिमाचल प्रदेश पुलिस बैंड हारमनी ऑफ पाईन्स ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुति दी।
स्कूलों के छात्र-छात्राओं और विभिन्न सरकारी विभागों ने भी नशा मुक्त हिमाचल अभियान के अंतर्गत सक्रिय भाग लिया।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, विद्यार्थी और पुलिस विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।