सिरमौर में पंचायत मतदाता सूची पुनरीक्षण शुरू

rakesh nandan

03/04/2026

Sirmaur जिले में पंचायती राज संस्थाओं के पुनर्गठन के बाद मतदाता सूची (निर्वाचक नामावली) को अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इस संबंध में जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त Priyanka Verma ने आवश्यक आदेश जारी किए हैं। जारी आदेशों के अनुसार, जिले की नवगठित और पुनर्गठित ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियों के लिए दावे और आपत्तियां प्राप्त करने हेतु सभी खंड विकास अधिकारियों (BDO) तथा नायब तहसीलदार ददाहू को पुनरीक्षण प्राधिकारी (Revising Authority) नियुक्त किया गया है।

📊 30 ग्राम पंचायतों में तैयार हो रही नई सूची

प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, सिरमौर जिले की कुल 30 नवगठित और पुनर्गठन में शामिल ग्राम पंचायतों की नई निर्वाचक नामावली तैयार की जा रही है। यह प्रक्रिया आगामी पंचायत चुनावों के दृष्टिगत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक होता है। इसलिए प्रशासन द्वारा इस कार्य को प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।

📌 दावे और आपत्तियों का अवसर

नागरिकों को इस प्रक्रिया के तहत अपनी जानकारी को सही करवाने का अवसर दिया गया है। यदि किसी व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह संबंधित अधिकारी के समक्ष दावा या आपत्ति दर्ज कर सकता है। इसी प्रकार, यदि किसी अपात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल हो गया है, तो उसके विरुद्ध भी आपत्ति दर्ज करवाई जा सकती है।

🏢 अधिकारियों की जिम्मेदारी

खंड विकास अधिकारी और नायब तहसीलदार को पुनरीक्षण प्राधिकारी नियुक्त करने का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दावे और आपत्तियों का निष्पक्ष और समयबद्ध निपटारा हो सके। इन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी प्राप्त आवेदनों की जांच कर उचित निर्णय लें और मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाएं।

⚠️ क्यों जरूरी है यह प्रक्रिया

मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार होती है। यदि इसमें किसी प्रकार की त्रुटि होती है, तो इससे चुनाव प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इसलिए प्रत्येक नागरिक का यह दायित्व है कि वह अपने नाम और विवरण की जांच करे और किसी भी त्रुटि को समय रहते ठीक करवाए।

📢 प्रशासन की अपील

जिला प्रशासन ने सभी पात्र नागरिकों से अपील की है कि वे इस प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं और अपनी जानकारी को सही एवं अद्यतन करवाएं। इससे न केवल उनकी मतदान प्रक्रिया में भागीदारी सुनिश्चित होगी, बल्कि एक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रणाली भी मजबूत होगी।

🎯 निष्कर्ष

कुल मिलाकर, सिरमौर जिले में पंचायतों की मतदाता सूची के पुनरीक्षण की यह प्रक्रिया लोकतांत्रिक प्रणाली को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समय रहते दावे और आपत्तियां दर्ज कर नागरिक अपने अधिकारों की रक्षा कर सकते हैं और एक सशक्त लोकतंत्र के निर्माण में योगदान दे सकते हैं।