जिला सिरमौर में पंचायतीराज चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न करवाने के लिए पुलिस विभाग ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए हैं। अंतरराज्यीय सीमाओं से जुड़े संवेदनशील क्षेत्र होने के कारण जिला पुलिस पूरी तरह अलर्ट मोड पर है और चुनाव प्रक्रिया के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष रणनीति के तहत काम कर रही है।
मीडिया से बातचीत करते हुए जिला पुलिस अधीक्षक एनएस नेगी ने बताया कि पंचायत चुनाव को लेकर जिले भर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत कर दी गई है। चुनाव ड्यूटी के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा कर्मियों की तैनाती कर दी गई है ताकि मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाई जा सके।
उन्होंने बताया कि जिला सिरमौर की सीमाएं हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों से लगती हैं। ऐसे में इंटर स्टेट नाकों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्रों में आने-जाने वाले वाहनों और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है।
एसपी एनएस नेगी ने कहा कि पड़ोसी राज्यों के पुलिस अधीक्षकों के साथ भी सुरक्षा को लेकर समन्वय स्थापित किया गया है। इस संबंध में पत्राचार कर चुनाव अवधि के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पर नजर रखने के लिए सहयोग मांगा गया है।
उन्होंने कहा कि पंचायत चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की कानून व्यवस्था संबंधी समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए जिला पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त गश्त और पुलिस तैनाती की गई है।
पुलिस विभाग ने बाहरी राज्यों से जिला सिरमौर में आने वाले लोगों की जांच और सत्यापन के लिए भी विशेष अभियान शुरू किया है। एसपी ने जानकारी दी कि अब तक लगभग 27 हजार लोगों की वेरिफिकेशन की जा चुकी है। इस अभियान का उद्देश्य संदिग्ध गतिविधियों पर नियंत्रण रखना और चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखना है।
उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों पर भी नजर बनाए हुए है ताकि अफवाहों या भड़काऊ गतिविधियों को समय रहते रोका जा सके। आम लोगों से भी कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की गई है।
जिला पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पंचायत चुनाव के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, हिंसा या आचार संहिता उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।