हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में पुलिस ने जल शक्ति विभाग (JSV) की विभिन्न जल आपूर्ति और सिंचाई योजनाओं से सरकारी उपकरण चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को हिरासत में लिया है और उनके कब्जे से भारी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया गया है। यह कार्रवाई थाना नाहन में दर्ज मुकदमा संख्या 30/26 के तहत की गई।
मामले की शुरुआत जल शक्ति उप-मंडल नाहन के सहायक अभियंता रोशन लाल की शिकायत से हुई। शिकायत के अनुसार, 28 जनवरी 2026 से 21 फरवरी 2026 के बीच शम्बुवाला, मलोनवाला भूड़ और खजूरना क्षेत्रों में स्थित जल आपूर्ति (WSS) और लिफ्ट सिंचाई योजनाओं (LIS) से अज्ञात चोरों ने सरकारी मोटर, पंप सेट, वाल्व और बिजली के केबल चोरी कर लिए थे। इस घटना से विभाग को भारी आर्थिक नुकसान हुआ था।
शिकायत मिलने के बाद सिरमौर पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी और मानव संसाधनों का उपयोग करते हुए संदिग्धों की पहचान की और त्वरित कार्रवाई करते हुए विशाल, हरपन, सुलेमान, प्रिंस और गगन को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने एक और महत्वपूर्ण कार्रवाई करते हुए सुखचैनपुर निवासी मोहित (स्क्रैप कारोबारी) की दुकान और गोदाम पर छापा मारा। इस छापेमारी के दौरान पुलिस ने बड़ी मात्रा में चोरी का सामान बरामद किया।
बरामद सामान में 3 नई मोटरें (प्रत्येक की कीमत लगभग ₹36,000), 1 स्टार्टर (कीमत लगभग ₹3 लाख) और 1 ऑयल सर्किट ब्रेकर (कीमत करीब ₹35,000) शामिल हैं। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल किए गए औजार जैसे टूलकिट, लोहे की रॉड, कटर और करीब 6-6 मीटर के दो तार के टुकड़े भी पुलिस ने जब्त किए हैं।

पुलिस ने इस गिरोह द्वारा चोरी के सामान को ढोने में इस्तेमाल की गई एक स्विफ्ट कार को भी अपने कब्जे में ले लिया है। यह वाहन चोरी की वारदात को अंजाम देने और सामान को एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाने में उपयोग किया जा रहा था।
प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि यह गिरोह योजनाबद्ध तरीके से सरकारी जल आपूर्ति और सिंचाई परियोजनाओं को निशाना बना रहा था। आरोपी सुनसान स्थानों पर स्थित योजनाओं से उपकरण चोरी कर उन्हें कबाड़ में बेच देते थे, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ होता था।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में अभी जांच जारी है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी का सामान किन-किन स्थानों पर बेचा गया।
सिरमौर पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय चोरी के गिरोहों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी। स्थानीय लोगों और विभाग ने पुलिस की इस सफलता की सराहना की है।
अंत में कहा जा सकता है कि पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से एक बड़े चोरी गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। इससे न केवल सरकारी संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर भी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
