शहीद कुलविंदर स्कूल बंद करने पर गिरीनगर में रोष

rakesh nandan

31/03/2026

जिला सिरमौर के गिरीनगर क्षेत्र में स्थित शहीद कुलविंदर सिंह मेमोरियल पाठशाला को बंद करने के आदेशों के बाद स्थानीय लोगों और शहीद के परिजनों में भारी रोष देखने को मिल रहा है। गिरिनगर विद्युत परियोजना द्वारा संचालित इस पाठशाला को आगामी अप्रैल माह से बंद करने का निर्णय लिया गया है, जिसे लेकर क्षेत्र में विरोध तेज हो गया है।

यह पाठशाला वर्षों से क्षेत्र के बच्चों को शिक्षा प्रदान करती आ रही है और स्थानीय स्तर पर इसका विशेष महत्व रहा है। जानकारी के अनुसार, इस स्कूल की स्थापना वर्ष 1978 में गिरि विद्युत परियोजना द्वारा की गई थी। उस समय गिरि पावर हाउस के निर्माण कार्य में लगे सैकड़ों कर्मचारियों के बच्चों को शिक्षा उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से इस पाठशाला को शुरू किया गया था।

बाद में कारगिल युद्ध में शहीद हुए वीर सैनिक Kulwinder Singh की स्मृति में इस स्कूल का नाम बदलकर शहीद कुलविंदर सिंह मेमोरियल पाठशाला रखा गया था। उस समय के मुख्यमंत्री Prem Kumar Dhumal ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए इस नामकरण की घोषणा की थी।

अब विद्युत परियोजना द्वारा आर्थिक कारणों का हवाला देते हुए इस स्कूल को बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। इस निर्णय ने स्थानीय लोगों की भावनाओं को आहत किया है, क्योंकि यह केवल एक स्कूल नहीं बल्कि शहीद की स्मृति से जुड़ा एक सम्मान का प्रतीक भी है।

मीडिया से बातचीत के दौरान शहीद के छोटे भाई हंसराज और अन्य ग्रामीणों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय शहीद के सम्मान के खिलाफ है और इसे किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ग्रामीणों का कहना है कि इस स्कूल से क्षेत्र के कई बच्चों का भविष्य जुड़ा हुआ है और इसके बंद होने से उन्हें शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ेगा।

स्थानीय लोगों ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि यदि विद्युत विभाग इस स्कूल को चलाने में सक्षम नहीं है, तो सरकार इसे अपने अधीन लेकर स्कूल शिक्षा विभाग के तहत संचालित करे। उन्होंने कहा कि शहीद के नाम से चल रहे इस संस्थान को किसी भी कीमत पर बंद नहीं किया जाना चाहिए।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित ऐसे शैक्षणिक संस्थान न केवल शिक्षा प्रदान करते हैं, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। ऐसे में इनका बंद होना स्थानीय समुदाय के लिए एक बड़ा नुकसान साबित हो सकता है।

गिरीनगर क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर लोगों में लगातार आक्रोश बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में आंदोलन तेज होने की संभावना भी जताई जा रही है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।

कुल मिलाकर, शहीद कुलविंदर सिंह मेमोरियल पाठशाला को बंद करने का निर्णय एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है, जिसमें भावनात्मक, सामाजिक और शैक्षणिक सभी पहलू जुड़े हुए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रदेश सरकार इस मामले में क्या निर्णय लेती है और क्या इस ऐतिहासिक व भावनात्मक महत्व वाले संस्थान को बचाया जा सकेगा।