नाहन में खाद्य सुरक्षा अधिनियम पर समीक्षा बैठक

rakesh nandan

10/03/2026

नाहन में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम की समीक्षा बैठक

नाहन में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने के लिए जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता डॉ. एस.पी. कात्याल, अध्यक्ष राज्य खाद्य आयोग ने की। बैठक में जिला सिरमौर में आवश्यक खाद्यान्न वस्तुओं की उपलब्धता, गुणवत्ता, शिकायत निवारण व्यवस्था तथा विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एवं जिला शिकायत निवारण अधिकारी एल.आर. वर्मा ने अध्यक्ष का शॉल और हिमाचली टोपी भेंट कर स्वागत किया।


पीडीएस व्यवस्था की नियमित निगरानी के निर्देश

बैठक के दौरान खाद्य आयोग के अध्यक्ष ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के तहत खाद्यान्न की आपूर्ति से लेकर लाभार्थियों तक वितरण की पूरी प्रक्रिया पर नियमित निगरानी रखी जाए। उन्होंने कहा कि सप्लाई चेन के हर स्तर पर खाद्यान्न की गुणवत्ता और निर्धारित मात्रा का निरीक्षण सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

इसके लिए निम्न स्थानों पर नियमित निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए:

  • उचित मूल्य की दुकानें

  • आंगनबाड़ी केंद्र

  • मिड-डे-मील प्रदान करने वाले स्कूल

  • थोक गोदाम

इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि लाभार्थियों को गुणवत्तापूर्ण खाद्यान्न समय पर उपलब्ध हो।


उपभोक्ताओं को जागरूक करने पर जोर

डॉ. एस.पी. कात्याल ने कहा कि खाद्यान्न वितरण प्रणाली के साथ-साथ उपभोक्ताओं को भी उनके अधिकारों और सरकारी योजनाओं के बारे में जागरूक करना आवश्यक है। उन्होंने विभागों को निर्देश दिए कि आम नागरिकों को खाद्य सुरक्षा अधिनियम और उससे जुड़ी योजनाओं के बारे में जानकारी दी जाए ताकि वे अपने अधिकारों के प्रति सजग रह सकें।


जिले में एक वर्ष में नहीं मिली कोई शिकायत

बैठक के दौरान अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी एल.आर. वर्मा ने बताया कि पिछले एक वर्ष के दौरान जिले में खाद्य सुरक्षा से संबंधित कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा त्रैमासिक आधार पर पीडीएस प्रणाली के तहत वितरित किए जाने वाले खाद्यान्न की गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की जांच की जाती है। इसके अलावा लाभार्थियों को निर्धारित मात्रा में खाद्यान्न उपलब्ध हो रहा है या नहीं, इसकी भी नियमित समीक्षा की जाती है।


उचित मूल्य की दुकानों में संपर्क विवरण प्रदर्शित करने के निर्देश

बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि जिला सिरमौर में संचालित सभी उचित मूल्य की दुकानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में जिला शिकायत निवारण अधिकारी और अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी के संपर्क नंबर तथा ईमेल आईडी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएं। इससे राशन वितरण से संबंधित किसी भी समस्या का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सकेगा।


स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण

बैठक से पहले अध्यक्ष डॉ. एस.पी. कात्याल ने नाहन शहर के एक प्रारंभिक विद्यालय, एक माध्यमिक विद्यालय तथा बनोग आंगनबाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण भी किया। निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। इसके अलावा उन्होंने जमटा स्थित उचित मूल्य की दुकान का भी निरीक्षण किया और स्कूलों में मिड-डे-मील के लिए राशन का समय पर वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


जिले में पीडीएस के लाभार्थियों की संख्या

बैठक में जिला नियंत्रक खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने बताया कि जिले में 1,35,550 राशन कार्ड धारकों के माध्यम से 5,30,490 लाभार्थियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत नियमित रूप से खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।


स्कूलों में मिड-डे-मील से लाभान्वित छात्र

इस अवसर पर उप निदेशक प्रारंभिक शिक्षा राजीव ठाकुर ने जानकारी दी कि जिले की 1,852 पाठशालाओं में 55,549 पात्र विद्यार्थियों को नियमित रूप से मिड-डे-मील प्रदान किया जा रहा है।


आंगनबाड़ी केंद्रों में पोषण आहार

जिला कार्यक्रम अधिकारी एकीकृत बाल विकास सेवा पवन कुमार ने बताया कि जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से 3,633 गर्भवती महिलाओं, 2,980 धात्री माताओं तथा 43,265 बच्चों को पोषणयुक्त आहार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि जिले में न्यूट्रीशन रिहैबिलिटेशन सेंटर स्थापित किया जाए, ताकि कुपोषित बच्चों को बेहतर उपचार और पोषण सहायता मिल सके।


बैठक में कई अधिकारी रहे उपस्थित

बैठक में विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें उप निदेशक उच्च शिक्षा विजय कुमार राघव, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नासर अहमद, क्षेत्रीय प्रबंधक राज्य नागरिक आपूर्ति निगम नरेश कुमार तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी इशाक मोहम्मद शामिल थे। अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा से संबंधित योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आपसी समन्वय से कार्य करने पर बल दिया।