सूखे की स्थिति पर प्रशासन की संयुक्त समीक्षा बैठक

rakesh nandan

13/03/2023

सूखे की स्थिति पर प्रशासन की संयुक्त समीक्षा बैठक

जिला सिरमौर में बढ़ती गर्मी और संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता R.K. Gautam, उपायुक्त सिरमौर, ने की। बैठक का उद्देश्य कृषि, बागवानी, पेयजल आपूर्ति और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करना था।


फसलों के नुकसान की रिपोर्ट एक सप्ताह में

उपायुक्त ने कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के भीतर सूखे से फसलों को हुए नुकसान की खंड स्तर की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में प्रभावित गांवों और पंचायतों का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि राहत एवं सहायता की योजना सटीक रूप से बनाई जा सके।


पेयजल योजनाओं की स्थिति

बैठक में जल शक्ति विभाग द्वारा पेयजल योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई। जिला में कुल 1405 पेयजल आपूर्ति योजनाएं कार्यशील हैं। इनमें से केवल 15 योजनाओं में जल स्तर में कमी दर्ज की गई है। इन 15 योजनाओं में 0 से 25 प्रतिशत तक जल की कमी आंकी गई है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल स्तर घटा है वहां आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


नई योजनाओं पर प्रगति

जिला में पेयजल की 237 नई योजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें से 147 योजनाओं का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूरा हो रहा है, उन्हें शीघ्र आरंभ किया जाए ताकि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से बचा जा सके।


जल स्रोतों की सफाई और क्लोरीनेशन

सभी पंचायतों में परंपरागत जल स्रोतों की सफाई और क्लोरीनेशन का कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद क्षेत्रों में भी सभी पेयजल स्रोतों की नियमित सफाई और क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।


वन एवं अग्नि सुरक्षा पर निर्देश

प्रचंड गर्मी के दौरान आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए वन विभाग और फायर विभाग को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। नाहन और पांवटा शहरी क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट को कार्यशील बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए। पंचायत स्तर पर ठीकरी पहरा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।


पशु चारे की उपलब्धता

सूखे की स्थिति में पशु चारे की कमी की संभावना को देखते हुए पशुपालन विभाग को अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि पशुधन संरक्षण के लिए समय रहते पर्याप्त चारे की व्यवस्था करना आवश्यक है।


जल जनित बीमारियों की रोकथाम

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाई जाएं। पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियों की संभावना को देखते हुए पेयजल स्रोतों की सैंपलिंग करने के लिए जल शक्ति विभाग और पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड को भी निर्देशित किया गया।


निष्कर्ष

सिरमौर जिला प्रशासन ने सूखे की संभावित स्थिति से निपटने के लिए समन्वित रणनीति अपनाई है। 1405 कार्यशील योजनाएं, 15 प्रभावित योजनाएं (0–25% कमी) और 237 नई योजनाओं पर कार्य जैसे आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विभागों को समयबद्ध रिपोर्ट और वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गर्मी के मौसम में किसी प्रकार की पेयजल या कृषि संकट की स्थिति न उत्पन्न हो।

सूखे की स्थिति पर प्रशासन की संयुक्त समीक्षा बैठक

जिला सिरमौर में बढ़ती गर्मी और संभावित सूखे की स्थिति को देखते हुए प्रशासन ने विभिन्न विभागों के साथ संयुक्त समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता R.K. Gautam, उपायुक्त सिरमौर, ने की। बैठक का उद्देश्य कृषि, बागवानी, पेयजल आपूर्ति और आपदा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों की समीक्षा करना था।


फसलों के नुकसान की रिपोर्ट एक सप्ताह में

उपायुक्त ने कृषि और उद्यान विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे एक सप्ताह के भीतर सूखे से फसलों को हुए नुकसान की खंड स्तर की विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि रिपोर्ट में प्रभावित गांवों और पंचायतों का उल्लेख अनिवार्य रूप से किया जाए, ताकि राहत एवं सहायता की योजना सटीक रूप से बनाई जा सके।


पेयजल योजनाओं की स्थिति

बैठक में जल शक्ति विभाग द्वारा पेयजल योजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी दी गई। जिला में कुल 1405 पेयजल आपूर्ति योजनाएं कार्यशील हैं। इनमें से केवल 15 योजनाओं में जल स्तर में कमी दर्ज की गई है। इन 15 योजनाओं में 0 से 25 प्रतिशत तक जल की कमी आंकी गई है। उपायुक्त ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में जल स्तर घटा है वहां आवश्यकता के अनुसार वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।


नई योजनाओं पर प्रगति

जिला में पेयजल की 237 नई योजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें से 147 योजनाओं का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। उपायुक्त ने जल शक्ति विभाग को निर्देश दिए कि जिन योजनाओं का कार्य पूरा हो रहा है, उन्हें शीघ्र आरंभ किया जाए ताकि गर्मी के मौसम में पेयजल संकट से बचा जा सके।


जल स्रोतों की सफाई और क्लोरीनेशन

सभी पंचायतों में परंपरागत जल स्रोतों की सफाई और क्लोरीनेशन का कार्य निर्धारित समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। नगर परिषद क्षेत्रों में भी सभी पेयजल स्रोतों की नियमित सफाई और क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।


वन एवं अग्नि सुरक्षा पर निर्देश

प्रचंड गर्मी के दौरान आगजनी की घटनाओं की आशंका को देखते हुए वन विभाग और फायर विभाग को आपसी तालमेल के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। नाहन और पांवटा शहरी क्षेत्रों में फायर हाइड्रेंट को कार्यशील बनाए रखने के लिए विशेष निर्देश जारी किए गए। पंचायत स्तर पर ठीकरी पहरा सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।


पशु चारे की उपलब्धता

सूखे की स्थिति में पशु चारे की कमी की संभावना को देखते हुए पशुपालन विभाग को अग्रिम तैयारी करने के निर्देश दिए गए। उपायुक्त ने कहा कि पशुधन संरक्षण के लिए समय रहते पर्याप्त चारे की व्यवस्था करना आवश्यक है।


जल जनित बीमारियों की रोकथाम

स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए कि जल जनित बीमारियों से बचाव के लिए सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध करवाई जाएं। पीलिया और डायरिया जैसी बीमारियों की संभावना को देखते हुए पेयजल स्रोतों की सैंपलिंग करने के लिए जल शक्ति विभाग और पर्यावरण नियंत्रण बोर्ड को भी निर्देशित किया गया।


निष्कर्ष

सिरमौर जिला प्रशासन ने सूखे की संभावित स्थिति से निपटने के लिए समन्वित रणनीति अपनाई है। 1405 कार्यशील योजनाएं, 15 प्रभावित योजनाएं (0–25% कमी) और 237 नई योजनाओं पर कार्य जैसे आंकड़े दर्शाते हैं कि प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। विभागों को समयबद्ध रिपोर्ट और वैकल्पिक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि गर्मी के मौसम में किसी प्रकार की पेयजल या कृषि संकट की स्थिति न उत्पन्न हो।

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