नाहन में जनगणना-2027 के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण

rakesh nandan

10/03/2026

नाहन में जनगणना-2027 के लिए जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम

नाहन के बचत भवन में जनगणना-2027 के सफल संचालन को लेकर जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रियंका वर्मा, उपायुक्त सिरमौर एवं प्रधान जनगणना अधिकारी ने की। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के जनगणना चार्ज लेवल अधिकारियों ने भाग लिया, जिनमें उपमंडल अधिकारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा शहरी निकायों के अधिकारी शामिल रहे।


दो चरणों में होगी जनगणना

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने अधिकारियों को बताया कि जनगणना-2027 दो चरणों में संचालित की जाएगी।

इनमें शामिल हैं:

  1. प्रथम चरण – मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना

  2. द्वितीय चरण – जनसंख्या की गणना

उन्होंने कहा कि जनगणना एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रिया है और इसे समयबद्ध तथा सटीक तरीके से पूरा करना आवश्यक है।


सिरमौर में जनगणना की तिथियां

उपायुक्त ने बताया कि सिरमौर जिले में प्रथम चरण की जनगणना 12 मई से 10 जून के मध्य आयोजित की जाएगी। वहीं द्वितीय चरण 9 फरवरी से 5 मार्च 2027 के बीच संपन्न होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जिले के बर्फीले क्षेत्रों में जनगणना का दूसरा चरण पहले ही आयोजित किया जाएगा। इन क्षेत्रों में यह प्रक्रिया 11 सितंबर से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरी की जाएगी, ताकि मौसम की परिस्थितियों के कारण किसी प्रकार की बाधा न आए।


जनगणना राष्ट्र निर्माण की महत्वपूर्ण प्रक्रिया

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने कहा कि जनगणना केवल आंकड़े एकत्र करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह राष्ट्र निर्माण से जुड़ी एक महत्वपूर्ण गतिविधि है।

उन्होंने कहा कि जनगणना से प्राप्त आंकड़ों के आधार पर:

  • विभिन्न सरकारी योजनाएं तैयार की जाती हैं

  • विकास कार्यक्रमों की योजना बनाई जाती है

  • पंचायत, नगर निकाय और निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन किया जाता है

इसलिए जनगणना के दौरान एकत्र किए जाने वाले डेटा की सटीकता और गुणवत्ता अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।


अधिकारियों की भूमिका पर दिया प्रशिक्षण

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों को जनगणना से संबंधित विभिन्न प्रक्रियाओं और जिम्मेदारियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।

इस अवसर पर
आशीष चौहान,
नरेंद्र शर्मा तथा
सुरज धीमान

ने अधिकारियों को जनगणना कार्य के विभिन्न तकनीकी और प्रशासनिक पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने चार्ज लेवल अधिकारियों को उनकी भूमिकाओं और उत्तरदायित्वों के बारे में विस्तार से बताया और कहा कि सभी विभागों के समन्वित प्रयासों से ही जनगणना का कार्य सफलतापूर्वक पूरा किया जा सकता है।


जमीनी स्तर पर कार्य योजना पर चर्चा

प्रशिक्षण के दौरान जनगणना के प्रथम चरण से संबंधित कार्य योजना पर भी चर्चा की गई।

अधिकारियों को बताया गया कि:

  • क्षेत्रीय स्तर पर सर्वेक्षण कैसे किया जाएगा

  • मकानों का सूचीकरण किस प्रकार किया जाएगा

  • डेटा संग्रहण की प्रक्रिया क्या होगी

इसके अलावा प्रशिक्षण में भाग लेने वाले अधिकारियों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का भी समाधान किया गया।


पहली बार डिजिटल माध्यम से होगी जनगणना

उपायुक्त ने बताया कि जनगणना-2027 इस बार डिजिटल माध्यम से आयोजित की जा रही है। इसमें पहली बार स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जा रही है। इसके तहत नागरिक वेब पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकेंगे।


नागरिकों से सहयोग की अपील

उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने जिला वासियों से जनगणना कार्य में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जब प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे, तो नागरिकों को उन्हें सही और सटीक जानकारी प्रदान करनी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे 27 अप्रैल से 11 मई 2026 के बीच आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना सुविधा का भी लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि नागरिक इस सुविधा का उपयोग करके अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं, जिससे जनगणना प्रक्रिया और अधिक प्रभावी तथा पारदर्शी बनेगी।


समन्वित प्रयासों से होगी सफल जनगणना

प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में अधिकारियों को यह संदेश दिया गया कि जनगणना जैसे बड़े राष्ट्रीय कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए सभी विभागों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। उन्होंने कहा कि यदि सभी अधिकारी अपने दायित्वों का सही तरीके से पालन करें और आपसी समन्वय बनाए रखें, तो जनगणना-2027 को सफलतापूर्वक संपन्न किया जा सकता है।