शूलिनी विश्वविद्यालय में छात्र मौत पर एबीवीपी का विरोध

rakesh nandan

03/04/2026

हिमाचल प्रदेश के Solan स्थित Shoolini University में एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु के बाद प्रदेशभर में आक्रोश का माहौल है। इस घटना को लेकर छात्र संगठन Akhil Bharatiya Vidyarthi Parishad (एबीवीपी) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

एबीवीपी हिमाचल प्रदेश की प्रदेश मंत्री नैंसी अटल ने बयान जारी करते हुए कहा कि यह घटना केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं है, बल्कि विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही और छात्रों की समस्याओं के प्रति असंवेदनशील रवैये का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने न केवल छात्र समुदाय को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे प्रदेश में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।

उन्होंने बताया कि छात्र की मृत्यु के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों द्वारा किया गया विरोध प्रदर्शन इस बात का स्पष्ट संकेत है कि संस्थान के भीतर लंबे समय से गंभीर समस्याएं मौजूद थीं। इन समस्याओं को समय रहते हल नहीं किया गया, जिसके चलते यह दुखद घटना सामने आई।

नैंसी अटल के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि संबंधित छात्र मानसिक दबाव, शैक्षणिक तनाव और प्लेसमेंट से जुड़े मुद्दों से जूझ रहा था। इसके बावजूद उसकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया गया। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन समय रहते संवेदनशीलता दिखाता और उचित कदम उठाता, तो संभवतः इस घटना को टाला जा सकता था।

एबीवीपी ने इस मामले में सच्चाई सामने लाने की मांग करते हुए आरोप लगाया कि कुछ स्तर पर तथ्यों को दबाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। संगठन का कहना है कि इस मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच आवश्यक है ताकि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

प्रदेश मंत्री ने यह भी कहा कि एबीवीपी इस मामले को किसी भी स्थिति में दबने नहीं देगी। जब तक पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिलता और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक संगठन का आंदोलन जारी रहेगा।

संगठन ने प्रदेश सरकार और प्रशासन से मांग की है कि इस घटना की उच्च स्तरीय जांच करवाई जाए। साथ ही सभी विश्वविद्यालयों में छात्र सुरक्षा, काउंसलिंग व्यवस्था और मानसिक स्वास्थ्य सहायता को प्राथमिकता दी जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

एबीवीपी ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में जल्द न्याय नहीं मिला, तो पूरे प्रदेश में व्यापक आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि जरूरत पड़ने पर यह मुद्दा सड़कों से लेकर सदन तक उठाया जाएगा और जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह बनाया जाएगा।

यह घटना एक बार फिर शैक्षणिक संस्थानों में छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य, सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को सामने लेकर आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे मामलों में केवल जांच ही नहीं, बल्कि संस्थागत सुधार भी आवश्यक हैं, ताकि छात्रों को सुरक्षित और सहयोगात्मक वातावरण मिल सके।