जिला किन्नौर में भारत-चीन सीमा व्यापार को पुनः सक्रिय करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा की अध्यक्षता में रिकांग पिओ स्थित उपायुक्त कार्यालय के सभागार में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में शिपकीला व्यापार समझौते को ज़मीनी स्तर पर सफल बनाने को लेकर विस्तृत चर्चा की गई और कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
उपायुक्त ने जानकारी देते हुए बताया कि भारत सरकार के विदेश मंत्रालय के निर्देशानुसार भारत और चीन के बीच सीमा व्यापार 1 जून 2026 से पुनः शुरू किया जाएगा। इसको ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि व्यापार सुचारू रूप से प्रारंभ हो सके।
उन्होंने बताया कि पूह उपमंडल की ग्राम पंचायत नमज्ञा के छुप्पन क्षेत्र में व्यापारियों के लिए गोदाम और दुकानों का निर्माण किया जाएगा। इससे स्थानीय व्यापारियों को सीमा पार व्यापार करने में सुविधा मिलेगी और उन्हें आधारभूत ढांचे की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि भारतीय सेना, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) और कस्टम विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित किया जाएगा। विभिन्न एजेंसियों के कार्यक्षेत्र स्पष्ट रूप से निर्धारित किए जाएंगे, ताकि किसी प्रकार की प्रशासनिक या तकनीकी बाधा उत्पन्न न हो और व्यापारिक गतिविधियां सुचारू रूप से संचालित हो सकें।
उपायुक्त ने बताया कि जिला प्रशासन विदेश मंत्रालय, वाणिज्य मंत्रालय और विदेश व्यापार महानिदेशालय के साथ सीधा संवाद स्थापित करेगा। इसके साथ ही पूह क्षेत्र में कार्यशालाओं का आयोजन किया जाएगा, जिसमें स्थानीय व्यापारियों और हितधारकों को निर्यात-आयात सूची, आवश्यक दस्तावेजों और वस्तु विनिमय प्रणाली के बारे में जागरूक किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा, ताकि व्यापार व्यवस्था को स्थायी और प्रभावी बनाया जा सके। स्थानीय व्यापारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पूह व्यापार संघ के सदस्यों से भी सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।
बैठक में निर्यात और आयात सूची में शामिल वस्तुओं के विस्तार, कानूनी अस्पष्टताओं को दूर करने तथा मवेशियों के व्यापार से संबंधित मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) पर भी चर्चा की गई। उपायुक्त ने कहा कि इन सभी पहलुओं पर संबंधित मंत्रालयों और विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। इस संदर्भ में सेना और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों के साथ प्रतिबंधित वस्तुओं और संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर गहन विचार-विमर्श किया गया, ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा चुनौती उत्पन्न न हो।
उपायुक्त डॉ. अमित कुमार शर्मा ने कहा कि जिला प्रशासन समय-समय पर स्थानीय लोगों, व्यापारियों, आईटीबीपी और भारतीय सेना के साथ संवाद बनाए रखेगा, जिससे व्यापार से जुड़े सभी संदेहों का समाधान किया जा सके।
उन्होंने कहा कि शिपकीला व्यापार समझौता न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा करेगा। इससे क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।
बैठक में पुलिस अधीक्षक किन्नौर सुशील कुमार शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पूह रविंद्र सिंह ठाकुर, सहायक आयुक्त विपिन ठाकुर, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र गुरु लाल नेगी, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राकेश नेगी, उपनिदेशक पशुपालन डॉ. अजय नेगी सहित आईटीबीपी और भारतीय सेना के अधिकारी उपस्थित रहे।
कुल मिलाकर, यह बैठक भारत-चीन सीमा व्यापार को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हो रही है, जिससे आने वाले समय में किन्नौर जिले के आर्थिक और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।