शिमला में युवा प्रेरणा संगोष्ठी, राज्यपाल रहे मुख्य अतिथि

rakesh nandan

27/03/2026

सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा स्वर्गीय सुनील उपाध्याय जी की जयंती के उपलक्ष्य पर शिमला स्थित गेयटी सभागार में “युवा प्रेरणा से राष्ट्र उत्थान” विषय पर एक भव्य संगोष्ठी एवं युवा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

इस गरिमामयी कार्यक्रम में हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल कविंदर गुप्ता मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. नागेश ठाकुर विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक, शैक्षणिक संस्थानों, शिक्षाविदों, विद्यार्थियों और युवाओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं स्वर्गीय सुनील उपाध्याय जी को श्रद्धांजलि अर्पित कर किया गया। इसके पश्चात “युवा प्रेरणा से राष्ट्र उत्थान” विषय पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ, जिसमें वक्ताओं ने युवाओं की भूमिका, उनके दायित्व और राष्ट्र निर्माण में उनकी भागीदारी को विस्तार से समझाया।

मुख्य अतिथि कविंदर गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि युवा किसी भी राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति और पूंजी होते हैं। उन्होंने कहा कि आज के युवाओं में असीम ऊर्जा, नई सोच और बदलाव लाने की क्षमता है, जिसे सही दिशा में मार्गदर्शन देने की आवश्यकता है। उन्होंने युवाओं को आत्मनिर्भर बनने, नवाचार अपनाने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का संदेश दिया।

विशिष्ट अतिथि प्रो. नागेश ठाकुर ने कहा कि विद्यार्थी जीवन केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जीवन मूल्यों, अनुशासन और सामाजिक चेतना को विकसित करने का समय होता है। उन्होंने युवाओं से राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का आह्वान किया।

इस अवसर पर सुनील उपाध्याय एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा समाज के विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य कर रहे चार युवाओं को सम्मानित किया गया।

  • अर्पण चावला को गौ सेवा एवं संरक्षण के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
  • प्रेम लाल को खेल क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और अंतरराष्ट्रीय बैडमिंटन कोच के रूप में उपलब्धियों के लिए सम्मान मिला।
  • प्रवीण वर्मा (Pahadan’s Team) को स्टार्टअप और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में नवाचार के लिए सम्मानित किया गया।
  • ईशा कटोच (The Car Doctorz) को उद्यमिता और स्वावलंबन के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मानित युवाओं ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वे आगे भी समाज और राष्ट्र के लिए कार्य करते रहेंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित विद्यार्थियों और युवाओं ने इस संगोष्ठी के माध्यम से राष्ट्र निर्माण, सामाजिक दायित्व और व्यक्तिगत विकास से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा। इस आयोजन ने युवाओं को प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें एक सकारात्मक दिशा देने का कार्य किया।

कार्यक्रम के अंत में ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि इस प्रकार के आयोजन भविष्य में भी युवाओं को राष्ट्र निर्माण के लिए प्रेरित करते रहेंगे।

कुल मिलाकर, यह संगोष्ठी युवाओं के लिए प्रेरणा का एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुई, जिसने यह संदेश दिया कि जब युवा अपनी ऊर्जा और क्षमता को राष्ट्रहित में लगाते हैं, तब एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत का निर्माण संभव होता है।