वीवीआईपी मूवमेंट के लिए वाहन उपलब्ध करवाने के निर्देश

rakesh nandan

14/03/2026

राजधानी शिमला में वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट को सुचारू रूप से संचालित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की, जिसमें जिले के लगभग 63 विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट के दौरान अल्प अवधि सूचना मिलने पर विभागीय वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करना था, ताकि प्रशासनिक व्यवस्थाएं समय पर और प्रभावी तरीके से संचालित की जा सकें।


विभागीय वाहन उपलब्ध करवाने का अनुरोध

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि जब भी जिले में वीवीआईपी या वीआईपी मूवमेंट हो, तब आवश्यकतानुसार प्राथमिकता के आधार पर विभागीय वाहन उपलब्ध करवाए जाएं। उन्होंने कहा कि इससे प्रोटोकॉल ड्यूटी के दौरान आने वाली कठिनाइयों को दूर किया जा सकेगा और वीवीआईपी मूवमेंट को बेहतर तरीके से संचालित करने में मदद मिलेगी। उपायुक्त ने यह भी कहा कि राजधानी शिमला में अक्सर विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय कार्यक्रमों के कारण वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट होती रहती है, इसलिए प्रशासन को पहले से ही समुचित तैयारी रखनी चाहिए।


वाहनों और चालकों की सूची तैयार होगी

बैठक में उपायुक्त ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने विभाग के सरकारी वाहनों और उनके चालकों की जानकारी अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी (कानून एवं व्यवस्था) को उपलब्ध करवाएं। इस जानकारी के आधार पर जिला प्रशासन द्वारा एक विस्तृत सूची तैयार की जाएगी और उसके अनुसार एक रोस्टर सिस्टम लागू किया जाएगा।

इस रोस्टर के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि—

  • वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान आवश्यकतानुसार वाहन उपलब्ध हों

  • बार-बार एक ही अधिकारी या विभाग पर प्रोटोकॉल ड्यूटी का दबाव न पड़े

  • विभागीय कार्यों पर भी कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े

उपायुक्त ने कहा कि रोस्टर व्यवस्था से प्रशासनिक कार्यों और प्रोटोकॉल ड्यूटी के बीच संतुलन बनाए रखना आसान होगा।


शिमला में अक्सर रहती है वीवीआईपी मूवमेंट

उपायुक्त ने कहा कि शिमला न केवल हिमाचल प्रदेश की राजधानी है बल्कि एक प्रमुख पर्यटन स्थल भी है। यहां अक्सर विभिन्न कार्यक्रमों, सरकारी बैठकों, सम्मेलनों और पर्यटन गतिविधियों के कारण वीवीआईपी और वीआईपी का आगमन होता रहता है। कई बार ऐसी स्थिति भी बन जाती है जब एक ही समय में एक से अधिक वीवीआईपी मूवमेंट हो जाती हैं। ऐसे में सुरक्षा और प्रोटोकॉल व्यवस्था के लिए अधिक संख्या में वाहनों की आवश्यकता पड़ती है। उन्होंने कहा कि ऐसी परिस्थितियों में अल्प सूचना मिलने पर भी सभी विभागों का सहयोग आवश्यक है।


सुरक्षा कारणों से केवल सरकारी वाहन जरूरी

बैठक में उपस्थित वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने भी अधिकारियों को संबोधित करते हुए महत्वपूर्ण जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा कारणों से सामान्य या निजी वाहनों का उपयोग नहीं किया जाता। इसलिए प्रोटोकॉल ड्यूटी के लिए केवल सरकारी वाहनों का उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि कई बार उन्होंने स्वयं भी अपने सरकारी वाहन को प्रोटोकॉल ड्यूटी के लिए उपलब्ध करवाया है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे ऐसी परिस्थितियों में जिला प्रशासन का पूरा सहयोग करें।


प्रशासनिक समन्वय पर दिया जोर

बैठक में प्रशासनिक समन्वय को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। उपायुक्त ने कहा कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान प्रशासन, पुलिस और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल होना बेहद आवश्यक है। यदि सभी विभाग समय पर सहयोग करेंगे तो प्रोटोकॉल व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित की जा सकेगी और किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सकेगा।


कई अधिकारी रहे उपस्थित

इस बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे—

  • पंकज शर्मा

  • अमित ठाकुर

इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।


प्रशासन का उद्देश्य बेहतर प्रोटोकॉल व्यवस्था

जिला प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिमला में होने वाली वीवीआईपी और वीआईपी मूवमेंट के दौरान सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित हों। इस पहल से प्रशासनिक कार्यों में बेहतर समन्वय स्थापित होगा और आवश्यकतानुसार विभागीय संसाधनों का उपयोग भी प्रभावी ढंग से किया जा सकेगा।