अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित समीक्षा बैठक में शिमला जिला के मंदिरों में बनने वाले भंडारों को लेकर अहम निर्णय लिए गए। बैठक में तय किया गया कि अब मंदिरों में आयोजित होने वाले भंडारों के लिए न्यूनतम मानक निर्धारित किए जाएंगे, जिससे एकरूपता सुनिश्चित हो सके।
उपायुक्त ने जिला के सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में स्थित मंदिरों में बनने वाले भंडारों के लिए न्यूनतम व्यंजन तय करें। इसके बाद ही भंडारों की दरें निर्धारित की जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य भंडारों में गुणवत्ता, पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखना है।
🍛 भंडारों में आएगी एकरूपता
अब तक मंदिरों में भंडारों के आयोजन में व्यंजनों और व्यवस्थाओं में भिन्नता देखने को मिलती थी, जिससे श्रद्धालुओं को अलग-अलग अनुभव होते थे। नए निर्देशों के बाद भंडारों में न्यूनतम मानक तय होने से व्यवस्था अधिक सुव्यवस्थित होगी और सभी श्रद्धालुओं को समान सुविधा मिल सकेगी।
🌐 मंदिरों के लिए बन रही आधुनिक वेबसाइट
बैठक में मंदिरों के लिए बनाई जा रही वेबसाइट के कार्य की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि जिला के प्रमुख मंदिरों की वेबसाइट निर्माण का लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है।
उपायुक्त ने कहा कि आधुनिक समय की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए एक समग्र और उपयोगी वेबसाइट विकसित की जा रही है, जिससे श्रद्धालुओं को घर बैठे मंदिर से जुड़ी सभी जानकारी मिल सकेगी।
🛕 पहले चरण में शामिल होंगे ये मंदिर
वेबसाइट के प्रथम चरण में शिमला के प्रमुख मंदिरों—
- माता तारा देवी मंदिर
- संकटमोचन मंदिर
- जाखू मंदिर
को शामिल किया जाएगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से अन्य मंदिरों को भी इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ा जाएगा।
📲 ऑनलाइन मिलेंगी कई सुविधाएं
नई वेबसाइट के माध्यम से श्रद्धालुओं को कई डिजिटल सुविधाएं मिलेंगी, जैसे—
- ऑनलाइन दर्शन की सुविधा
- लाइव आरती दर्शन
- भंडारा स्लॉट बुकिंग
- चंदा (डोनेशन) जमा करने की सुविधा
- सराय/आवास बुकिंग
- मंदिर का इतिहास, संस्कृति और मानचित्र
इससे न केवल श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ेगी, बल्कि मंदिरों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता भी आएगी।
📋 एक क्लिक पर भंडारों की पूरी जानकारी
वेबसाइट का एक महत्वपूर्ण फीचर यह होगा कि भंडारों की पूरी जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी। श्रद्धालु आसानी से जान सकेंगे कि किस दिन किस व्यक्ति द्वारा भंडारा आयोजित किया जा रहा है।
अब तक यह जानकारी आमजन के लिए आसानी से उपलब्ध नहीं होती थी, लेकिन इस डिजिटल पहल से पारदर्शिता और सूचना की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।
🏢 अधिकारियों को दिए गए निर्देश
उपायुक्त ने हिमाचल प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड के अधिकारियों को वेबसाइट निर्माण से संबंधित आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए, ताकि कार्य समयबद्ध और प्रभावी तरीके से पूरा किया जा सके।
इस अवसर पर एसी टू डीसी देवी चंद ठाकुर भी विशेष रूप से उपस्थित रहे।