टीबी मरीजों को वितरित की गई न्यूट्रिशन किट

rakesh nandan

16/03/2026

जिला शिमला को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला क्षय रोग उन्मूलन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता अनुपम कश्यप ने की। इस दौरान टीबी मुक्त भारत अभियान, निक्षय मित्र सहयोग, पोर्टेबल एक्स-रे मशीनों के उपयोग और टीबी निवारक उपचार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जिले में टीबी से ग्रसित सभी मरीजों को निक्षय मित्र सहयोग योजना के तहत न्यूट्रिशन किट वितरित की जा रही है। इस किट में उच्च प्रोटीन वाली खाद्य सामग्री शामिल रहती है, जो टीबी मरीजों के स्वास्थ्य सुधार और शीघ्र स्वस्थ होने में सहायक होती है।


टीबी निवारक उपचार में शिमला अग्रणी

बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 के दौरान टीबी निवारक उपचार (TPT) शुरू करने के लिए 1358 मामलों का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इनमें से 968 मामलों में उपचार शुरू किया गया, जो लगभग 71 प्रतिशत है और यह प्रदेश में सबसे अधिक है। इसी तरह राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच 2230 मामलों का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 1972 मामलों में लक्ष्य हासिल किया गया, जो लगभग 88 प्रतिशत है।


जांच और उपचार से जुड़े आंकड़े

बैठक में यह भी बताया गया कि टीबी नियंत्रण के लिए विभिन्न जांच प्रक्रियाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।

  • एचआईवी टेस्टिंग का लक्ष्य 1463 रखा गया था, जिसमें से 1456 जांच पूरी की गईं।

  • मधुमेह टेस्टिंग का लक्ष्य 1463 में से 1454 हासिल किया गया।

  • यूडीएसटी स्टेटस का लक्ष्य 920 था, जिसमें से 820 पूरा किया गया।

  • उपचार सफलता दर के लिए 1663 का लक्ष्य रखा गया था, जिसमें से 1517 मामलों में सफलता प्राप्त हुई।

ये आंकड़े दर्शाते हैं कि जिले में टीबी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है।


टीबी मुक्त भारत 2.0 अभियान

बैठक में बताया गया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत 14 मार्च 2026 तक 1,61,777 लोगों का एक्स-रे करने का लक्ष्य रखा गया था। अब तक 63,910 लोगों का एक्स-रे किया जा चुका है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 40 प्रतिशत है। इस अभियान को गति देने के लिए हैंड-हेल्ड पोर्टेबल एक्स-रे मशीनें भी उपलब्ध करवाई गई हैं, जिन्हें रामपुर और मतियाना क्षेत्रों में तैनात किया गया है।


141 पंचायतें घोषित टीबी मुक्त

बैठक में यह भी बताया गया कि जिले की 141 पंचायतों को टीबी मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया गया है।

इनमें से:

  • 23 पंचायतों को स्वर्ण श्रेणी

  • 34 पंचायतों को रजत श्रेणी

  • 84 पंचायतों को कांस्य श्रेणी

में रखा गया है।


24 मार्च को विश्व टीबी दिवस

बैठक में जानकारी दी गई कि 24 मार्च 2026 को विश्व टीबी दिवस के अवसर पर जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह कार्यक्रम शिमला के गेयटी थिएटर में आयोजित होगा। इस कार्यक्रम के दौरान स्वर्ण श्रेणी की पंचायतों के पंचायत सचिवों को सम्मानित किया जाएगा। इसके अलावा रजत और कांस्य श्रेणी की पंचायतों को खंड स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।


सामुदायिक सहयोग की आवश्यकता

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि कई लोग बीमार होने के बावजूद अस्पताल जाने से हिचकिचाते हैं। विशेष रूप से टीबी और नशे से जुड़े मामलों में समाज का सहयोग कम देखने को मिलता है। उन्होंने कहा कि सामुदायिक स्तर पर जागरूकता बढ़ाना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि स्वस्थ समाज ही मजबूत समुदाय का आधार होता है। उन्होंने बताया कि भविष्य में जिला को पूरी तरह टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी हितधारकों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न विभागों और सामाजिक संगठनों को शामिल कर व्यापक योजना बनाई जाएगी।


अधिकारियों ने दी प्रस्तुति

बैठक के दौरान जिला टीबी अधिकारी डॉ विनीत लखनपाल ने प्रस्तुति के माध्यम से टीबी मुक्त अभियान की प्रगति और उपलब्धियों के आंकड़े प्रस्तुत किए। इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा तथा मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ यशपाल रांटा सहित अन्य अधिकारी भी बैठक में उपस्थित रहे।