शिमला में बेसहारा पशुओं पर विशेष अभियान

rakesh nandan

15/12/2025

जिला शिमला में सड़कों के किनारे घूम रहे बेसहारा पशुओं के लिए जिला प्रशासन अब सहारा बनेगा। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने सोमवार को 15 दिवसीय विशेष अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि 1 जनवरी 2026 तक जिला शिमला को पूर्ण रूप से बेसहारा पशु मुक्त बनाया जाएगा। उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया कि जिले के सभी चिन्हित स्थानों पर घूम रहे बेसहारा पशुओं को नजदीकी गौ सदनों में पहुंचाया जाएगा। उपायुक्त ने कहा कि पशुधन हमारी धरोहर है और इन्हें बेसहारा छोड़ना न केवल अमानवीय है बल्कि इससे सड़क दुर्घटनाओं और पशुओं की मृत्यु का भी खतरा बना रहता है।

उपायुक्त ने बताया कि पशुपालन विभाग द्वारा हाल ही में कराए गए सर्वेक्षण में जिला भर में 272 बेसहारा पशु चिन्हित किए गए हैं। जिले में स्थित विभिन्न गौ सदनों में लगभग 3500 पशुओं की क्षमता है, जबकि वर्तमान में 2500 पशु ही रखे गए हैं। ऐसे में चिन्हित सभी 272 पशुओं को क्षमता के अनुसार गौ सदनों में स्थानांतरित किया जाएगा। उपायुक्त ने पशु मालिकों से अपील की कि जिन लोगों ने अपने पशु छोड़े हैं, वे उन्हें तुरंत वापस ले जाएं। टैग हटाकर पशु छोड़ने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री, जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशवंत रांटा, उप निदेशक पशुपालन विभाग डॉ. नीरज मोहन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।


🔹 सभी एसडीएम के साथ होगी बैठक

उपायुक्त अनुपम कश्यप मंगलवार को सभी एसडीएम एवं शहरी निकायों के सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक करेंगे। एसडीएम की अध्यक्षता में बेसहारा पशुओं को गौ सदनों तक पहुंचाने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में लोक निर्माण विभाग सहित अन्य हितधारक भी शामिल होंगे।


🔹 रिपोर्ट भेजना अनिवार्य

उपायुक्त ने सभी पटवारियों और पंचायत सचिवों को निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में बेसहारा पशु दिखने पर तत्काल एसडीएम को रिपोर्ट भेजना अनिवार्य होगा। आदेशों की अवहेलना पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।