हिमाचल प्रदेश सरकार के अर्थशास्त्र एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा भारत सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा प्रायोजित सांख्यिकीय सुदृढ़ीकरण के लिए सहायता योजना के अंतर्गत शिमला में एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला होटल हॉलिडे होम शिमला में उपायुक्त अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आयोजित हुई।
कार्यशाला का उद्देश्य विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, सांख्यिकीय गतिविधियों में देरी से बचना तथा डेटा संग्रह तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाना रहा। इस अवसर पर प्रदेश सरकार के आर्थिक सलाहकार डॉ. विनोद राणा तथा अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने अपने संबोधन में कहा कि विश्वसनीय और सटीक डेटा सुशासन की रीढ़ है। डेटा-आधारित निर्णय अधिक पारदर्शी, प्रभावी और भरोसेमंद होते हैं, जिससे विभागीय प्रदर्शन का सही आकलन संभव हो पाता है। उन्होंने कहा कि कच्चे डेटा को सार्थक सूचना में परिवर्तित करना, समयबद्ध डेटा फीडिंग और निरंतर सत्यापन सुनिश्चित करता है, जिससे शासन के परिणाम बेहतर होते हैं।
अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंघल ने डेटा को राज्य की प्रशासनिक संरचना को मजबूत करने का नया ईंधन बताते हुए कहा कि गुणवत्तापूर्ण डेटा जनता के जीवन को सरल बनाने में सहायक होता है। आर्थिक सलाहकार डॉ. विनोद राणा ने कहा कि मजबूत सांख्यिकीय तंत्र से नीतियों के निर्माण में सहायता मिलती है और डेटा में होने वाली देरी को कम किया जा सकता है। उन्होंने जिला स्तर पर सांख्यिकीय क्षमता को मजबूत करने और डेटा की प्रामाणिकता बनाए रखने पर विशेष बल दिया।
कार्यशाला में उप निदेशक सुरेश वर्मा ने जिला सांख्यिकी कार्यालय शिमला की प्रोफाइल का अवलोकन प्रस्तुत किया। जिला सुशासन सूचकांक पर प्रस्तुति दी गई, जबकि राज्य आय अनुभाग ने सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अनुमान हेतु डेटा आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला। तकनीकी सत्रों के दौरान पावर पॉइंट प्रस्तुतियों के साथ ओपन हाउस चर्चा आयोजित की गई, जिसमें प्रतिभागियों ने अपने अनुभव साझा किए और अंतर-विभागीय समन्वय बढ़ाने हेतु सुझाव दिए। कार्यशाला में इंटरैक्टिव सांख्यिकीय क्विज और फीडबैक सत्र का भी आयोजन किया गया।
संयुक्त निदेशक अनुपम शर्मा ने राज्य में एक मजबूत, विश्वसनीय और उत्तरदायी सांख्यिकीय प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए निरंतर सहयोग और क्षमता निर्माण पर बल दिया। कार्यशाला में सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन से जुड़े सभी विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।