सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग की ओर से अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के तहत जिला स्तरीय सतर्कता एवं प्रबोधन समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की।
🔹 एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की समीक्षा
बैठक में बताया गया कि वर्ष 2018 से अब तक अधिनियम के तहत दर्ज 40 मामले न्यायालयों में लंबित हैं। उपायुक्त ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है और समानता सुनिश्चित करने के लिए व्यावहारिक प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि बरी होने वाले मामलों की अधिकता के कारणों का अध्ययन कर नई रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि सभी पुलिस जांच अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की जाएगी, ताकि मामलों की प्रोसेसिंग और अभियोजन को मजबूत किया जा सके। बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी कानून व्यवस्था पंकज शर्मा, जिला कल्याण अधिकारी कपिल शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
🔹 अल्पसंख्यक समुदाय के लिए योजनाओं की समीक्षा
इसके उपरांत प्रधानमंत्री नए 15 सूत्रीय कार्यक्रम के तहत गठित जिला स्तरीय समिति की बैठक आयोजित की गई। उपायुक्त ने बताया कि जिला शिमला में 2154 आंगनवाड़ी केंद्र हैं, जिनमें से 231 केंद्र अल्पसंख्यक बहुल क्षेत्रों में स्थित हैं। 0 से 6 वर्ष के 491 अल्पसंख्यक बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों में पंजीकृत हैं, जिनमें से 387 को विशेष पोषण और 137 बच्चों को प्री-स्कूल शिक्षा दी जा रही है। साथ ही 102 गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएं भी लाभान्वित हो रही हैं। समग्र शिक्षा के अंतर्गत कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय योजना के तहत छात्राओं को आवासीय शिक्षा दी जा रही है। इसके अतिरिक्त मदरसा ग्राम कुठार, तहसील चौपाल में संचालित है, जहां एनसीईआरटी पाठ्यक्रम के साथ उर्दू व अरबी शिक्षा दी जाती है।
🔹 जिले में कोई भी सफाई कर्मी हाथ से मैला नहीं ढोता
हाथ से मैला उठाने वाले कर्मियों के नियोजन प्रतिषेध एवं पुनर्वास अधिनियम 2013 के तहत आयोजित बैठक में उपायुक्त ने बताया कि जिले में कोई भी सफाई कर्मी हाथ से मैला ढोते हुए नहीं पाया गया है। नगर निगम शिमला और अन्य स्थानीय निकायों द्वारा 22 जागरूकता शिविर आयोजित किए गए हैं। सफाई कर्मियों को सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य जांच, आवास सुविधा और छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
🔹 101 दिव्यांगजनों को मिला रोजगार
दिव्यांग अधिकार अधिनियम 2016 के तहत आयोजित जिला स्तरीय समिति की बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में मनरेगा के अंतर्गत 101 दिव्यांगजनों को रोजगार प्रदान किया गया। जिले में 7188 दिव्यांगजन सामाजिक सुरक्षा पेंशन से लाभान्वित हैं। साथ ही सुगम्य भारत अभियान के तहत सरकारी भवनों को बाधा-रहित बनाया जा रहा है और यूडीआईडी कार्ड जारी किए जा रहे हैं।
🔹 दो नए मामलों में कानूनी संरक्षक नियुक्त
राष्ट्रीय न्याय अधिनियम 1999 के अंतर्गत आयोजित बैठक में बताया गया कि जिले में अब तक 127 दिव्यांगजनों के लिए कानूनी संरक्षक नियुक्त किए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त दो नए मामलों में कानूनी संरक्षक नियुक्त करने की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
