शिमला जिला में पंचायती राज संस्थाओं की मतदाता सूचियों के विशेष पुनः निरीक्षण (रीविजन) के लिए कार्यक्रम निर्धारित कर दिया गया है। इस संबंध में जानकारी देते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) एवं उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि यह प्रक्रिया हिमाचल प्रदेश निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार लागू की जा रही है।
1 अप्रैल 2026 अर्हता तिथि
मतदाता सूची में नाम दर्ज करने के लिए 1 अप्रैल 2026 को अर्हता तिथि निर्धारित की गई है। इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले सभी पात्र नागरिक पंचायत मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करवा सकते हैं।
किन पंचायतों पर लागू नहीं होगा कार्यक्रम
यह विशेष पुनरीक्षण कार्यक्रम उन पंचायतों में लागू नहीं होगा:
जो सृजन (नई पंचायत) की प्रक्रिया में हैं
जो पुनर्गठन या विभाजन से प्रभावित हैं
इन पंचायतों के लिए अलग प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
दावे और आपत्तियों की अंतिम तिथि
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार:
28 मार्च 2026 तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं
यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम सूची में शामिल नहीं है या किसी प्रकार की त्रुटि है, तो वह संबंधित अधिकारी के समक्ष आवेदन कर सकता है।
निपटान और अपील प्रक्रिया
मतदाता सूची संशोधन की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी:
दावे/आपत्तियों का निपटारा: 2 अप्रैल 2026 तक
अपील की अंतिम तिथि: 10 अप्रैल 2026
अपीलों का निपटारा: 17 अप्रैल 2026
अंतिम सूची का प्रकाशन
पूरक (संशोधित) मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन 20 अप्रैल 2026 तक या उससे पहले किया जाएगा। इस प्रक्रिया से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल हों।
अधिकारियों को दिए गए निर्देश
प्रशासन ने इस प्रक्रिया को समयबद्ध और पारदर्शी बनाने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं।
पुनर्निरीक्षण प्राधिकारी
उपमंडल दंडाधिकारी (डोडरा-क्वार)
सभी खंड विकास अधिकारी
को निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इस प्रक्रिया को निर्धारित समय सीमा में पूरा करें।
ईआरएमएस सॉफ्टवेयर का उपयोग
मतदाता सूचियों को अंतिम रूप देने के बाद उन्हें ईआरएमएस (ERMS) सॉफ्टवेयर में अपलोड किया जाएगा। इससे पूरी प्रक्रिया डिजिटल और पारदर्शी बनेगी, जिससे किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना कम होगी।
स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होगी सूची
प्रशासन द्वारा यह भी सुनिश्चित किया जाएगा कि मतदाता सूचियों की पर्याप्त प्रतियां स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हों, ताकि आम नागरिक आसानी से अपने नाम की जांच कर सकें।
लोकतंत्र को मजबूत करने की दिशा में कदम
मतदाता सूची का सही और अद्यतन होना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इस प्रक्रिया के माध्यम से:
पात्र नागरिकों को मतदान का अधिकार मिलेगा
चुनाव प्रक्रिया पारदर्शी बनेगी
लोकतंत्र को मजबूती मिलेगी
निष्कर्ष
शिमला में पंचायत मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण का यह कार्यक्रम नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है। सभी पात्र लोगों को चाहिए कि वे समय रहते अपने नाम मतदाता सूची में शामिल करवाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं।