शिमला में प्रवासी मजदूरों का पुलिस सत्यापन अनिवार्य

rakesh nandan

01/12/2025

शिमला जिले में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला दंडाधिकारी अनुपम कश्यप ने महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए प्रवासी मजदूरों, रेहड़ी-फड़ी व फेरी करने वालों सहित बाहरी राज्यों से अस्थायी रूप से निवास कर रहे कामगारों का अनिवार्य पुलिस पहचान सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। जारी आदेश के अनुसार, कोई भी नियोक्ता, ठेकेदार या व्यापारी शिमला जिले में प्रवेश करने वाले किसी भी प्रवासी मजदूर को तब तक किसी कार्य, सेवा या ठेका मजदूरी में नियुक्त नहीं करेगा, जब तक वह मजदूर अपना पूरा विवरण तथा पासपोर्ट आकार का फोटो संबंधित थाना प्रभारी (SHO) को पहचान एवं पृष्ठभूमि सत्यापन के लिए प्रस्तुत नहीं करता।

इसी प्रकार शिमला जिला आने वाला कोई भी व्यक्ति—

  • स्वरोज़गार,

  • फेरी/रेहड़ी-फड़ी,

  • किसी भी गैर-औपचारिक सेवा या व्यवसाय

शुरू करने से पहले अपने आशय की सूचना संबंधित क्षेत्र के थाना प्रभारी को देना अनिवार्य होगा।

जिला दंडाधिकारी ने स्पष्ट किया कि इस आदेश का उल्लंघन करने वाले प्रवासी मजदूरों तथा उनके नियोक्ताओं पर भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 223 के अंतर्गत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। आदेश की प्रकृति को देखते हुए इसे एक्स-पार्टी जारी किया गया है। यह आदेश 01 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा और सार्वजनिक रूप से लागू होगा। आदेश का कोई भी उल्लंघन कानून के अनुसार दंडनीय होगा। इस निर्देश का उद्देश्य जिले में सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और असामाजिक गतिविधियों पर नियंत्रण को और मजबूत करना है।