शिमला में सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने के उद्देश्य से जिला दण्डाधिकारी अनुपम कश्यप ने पंजाब सिक्योरिटी ऑफ स्टेट एक्ट, 1953 (जैसा कि हिमाचल प्रदेश में लागू है) की धारा 6 के तहत महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। आदेश के अनुसार द मॉल रोड शिमला और आसपास के क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की सार्वजनिक सभा, रैली, जुलूस, नारेबाज़ी, बैंड बजाना तथा ऐसी वस्तुएँ साथ ले जाना जिनका उपयोग हथियार के रूप में किया जा सकता है, पूर्ण रूप से प्रतिबंधित रहेगा।
प्रतिबंधित गतिविधियाँ
रैली, जुलूस या प्रदर्शन
सार्वजनिक बैठकें
नारेबाज़ी
बैंड बजाना
ऐसी वस्तुओं का ले जाना जो हथियार के रूप में उपयोग हो सकती हों
आदेश में शामिल क्षेत्र
प्रतिबंध निम्न महत्वपूर्ण मार्गों और इलाकों में लागू होगा:
छोटा शिमला से केनेडी हाउस एवं द रिज तक द मॉल
रेंदेवू रेस्टोरेंट से रिवोली सिनेमा तक 150 मीटर का क्षेत्र
स्कैंडल प्वाइंट से कालीबाड़ी मंदिर तक
छोटा शिमला गुरुद्वारा से कसुम्पटी रोड तक लिंक रोड
छोटा शिमला चौक से राजभवन होकर ओक ओवर तक
छोटा शिमला गुरुद्वारा के पास सीढ़ियाँ व पैदल मार्ग (कसुम्पटी रोड तक)
कार्ट रोड से मजीठिया हाउस तक लिंक रोड
ए.जी. ऑफिस से कार्ट रोड तक जाने वाला मार्ग
पुलिस गुमटी (उपायुक्त कार्यालय के ऊपर) से लोअर बाज़ार की ओर 50 मीटर क्षेत्र
इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की गतिविधि के लिए सक्षम प्राधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होगा, ताकि भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।
आदेश से छूट
यह आदेश पुलिस, पैरामिलिट्री और सैन्य बलों पर उनके आधिकारिक कर्तव्यों के दौरान लागू नहीं होगा।
आदेश की अवधि
यह प्रतिबंध 01 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। आदेश का उल्लंघन कानून के अनुसार दंडनीय होगा।
जिला प्रशासन ने बताया कि यह कदम सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में किसी भी संभावित अवांछित स्थिति को रोकने के लिए आवश्यक है।