जल जीवन मिशन की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित
अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में आज शिमला में जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिला स्तरीय वाटर एंड सेनिटेशन मिशन की बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में पेयजल योजनाओं की प्रगति, जल स्रोतों की गुणवत्ता परीक्षण, तथा हर घर जल योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में पेयजल स्रोतों की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए ताकि लोगों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जा सके।
पेयजल स्रोतों की टेस्टिंग पर जोर
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि पेयजल स्रोतों की गुणवत्ता की जांच निरंतर रूप से होती रहनी चाहिए। बैठक में जानकारी दी गई कि जिले में कुल 3055 पेयजल स्रोत चिन्हित किए गए हैं। इनमें से अब तक 18,985 पानी के नमूनों की जांच की जा चुकी है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पानी की गुणवत्ता की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए ताकि किसी भी प्रकार के प्रदूषण या स्वास्थ्य जोखिम को समय रहते रोका जा सके।
फील्ड टेस्ट किट का उपयोग बढ़ाने के निर्देश
बैठक में बताया गया कि जिले के 2536 गांवों में फील्ड टेस्ट किट वितरित की गई हैं, जिनका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर पानी की गुणवत्ता की जांच करना है। हालांकि अब तक इन किटों के उपयोग का लक्ष्य केवल 19 प्रतिशत ही हासिल किया जा सका है। उपायुक्त ने इस पर चिंता व्यक्त करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों में इन किटों के उपयोग को बढ़ाया जाए और लोगों को इसके प्रति जागरूक किया जाए।
जल जीवन मिशन की 264 योजनाएं
बैठक में बताया गया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत जिले में कुल 264 पेयजल योजनाएं संचालित की जा रही हैं।
इनमें से—
203 योजनाएं भौतिक रूप से पूरी हो चुकी हैं
114 योजनाएं वित्तीय रूप से पूर्ण हो चुकी हैं
61 योजनाओं पर कार्य जारी है
89 योजनाएं वित्तीय रूप से अभी खुली हैं
उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि लंबित योजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
हर घर जल योजना की प्रगति
बैठक में बताया गया कि जिले में हर घर जल योजना के अंतर्गत भी कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
जिले के कुल 13 ब्लॉकों में से 4 ब्लॉक को सर्टिफाइड किया जा चुका है।
इसके अलावा—
412 पंचायतों में से 234 पंचायतें सर्टिफाइड हो चुकी हैं
2536 चिन्हित गांवों में से 1621 गांवों को सर्टिफाइड किया जा चुका है
उपायुक्त ने कहा कि शेष पंचायतों और गांवों में भी जल्द कार्य पूरा किया जाए ताकि सभी क्षेत्रों को हर घर जल योजना के तहत प्रमाणित किया जा सके।
जिले में 100 प्रतिशत नल कनेक्शन
बैठक में यह भी बताया गया कि जिले में एफएचटीसी (Functional Household Tap Connection) के तहत कुल 1,72,266 घरेलू नल कनेक्शन प्रदान किए जा चुके हैं। इस प्रकार जिले में 100 प्रतिशत घरेलू नल कनेक्शन कवरेज हासिल कर लिया गया है। उपायुक्त ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और अब ध्यान इस बात पर होना चाहिए कि सभी कनेक्शन कार्यशील बने रहें और लोगों को नियमित जल आपूर्ति मिलती रहे।
बड़ी योजनाओं के लिए मिलेगा अतिरिक्त बजट
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिले में जो बड़ी पेयजल योजनाएं अंतिम चरण में हैं, उन्हें जल्द पूरा करने के लिए अतिरिक्त बजट उपलब्ध करवाया जाएगा। उन्होंने जल शक्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसी योजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर सरकार को भेजी जाए। इससे इन परियोजनाओं को शीघ्र पूरा करने में मदद मिलेगी।
छोटी योजनाओं को जल जीवन मिशन-2 में किया जाएगा मर्ज
बैठक में यह भी बताया गया कि रूरल पाइप्ड वाटर सप्लाई स्कीम जैसी छोटी योजनाओं को जल जीवन मिशन-2 के अंतर्गत मर्ज किया जाएगा। इससे योजनाओं की संख्या कम होगी और उनके प्रबंधन में भी सुविधा होगी। इन योजनाओं के लिए अलग से नई पहचान (आईडी) बनाई जाएगी ताकि उनकी निगरानी और प्रबंधन बेहतर तरीके से किया जा सके।
कई अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में एडीसी सचिन शर्मा, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा, जिला योजना अधिकारी निवेदिता तथा जल शक्ति विभाग के सभी कार्यकारी अभियंता उपस्थित रहे। बैठक के दौरान अधिकारियों ने जिले में चल रही विभिन्न पेयजल योजनाओं की स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना के बारे में जानकारी प्रस्तुत की।
स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना प्राथमिकता
उपायुक्त ने कहा कि जल जीवन मिशन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर घर तक स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इसके लिए प्रशासन और संबंधित विभागों को मिलकर कार्य करना होगा ताकि लोगों को बेहतर जल आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।