जिला शिमला में प्रशासनिक गतिविधियों के तहत आज उपायुक्त अनुपम कश्यप ने भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के प्रोबेशनर अधिकारियों के एक दल से मुलाकात की। इस दौरान उपायुक्त ने सभी अधिकारियों का पारंपरिक रूप से शॉल और हिमाचली टोपी पहनाकर सम्मान किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर प्रोबेशनर अधिकारियों ने भी उपायुक्त को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया। यह मुलाकात न केवल औपचारिक रही, बल्कि इसमें प्रशासनिक अनुभवों और जमीनी कार्यप्रणाली पर भी चर्चा की गई।
विंटर स्टडी टूर पर शिमला पहुंचे अधिकारी
उल्लेखनीय है कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी मसूरी से 12 प्रोबेशनर IAS अधिकारियों का दल 17 मार्च से 22 मार्च 2026 तक शिमला के विंटर स्टडी टूर पर आया हुआ है। इस दल में से 9 अधिकारियों ने उपायुक्त से भेंट की। इस दौरान अधिकारी शिमला के विभिन्न प्रमुख संस्थानों का दौरा कर रहे हैं, जिससे उन्हें प्रशासनिक कार्यों और विकास योजनाओं की जमीनी समझ प्राप्त हो सके।
प्रमुख संस्थानों का दौरा
प्रोबेशनर अधिकारियों के इस अध्ययन दौरे में कई महत्वपूर्ण संस्थान शामिल हैं, जिनमें:
भारतीय उन्नत अध्ययन संस्थान
केंद्रीय आलू अनुसंधान संस्थान
इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल
पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय जाखू
इन संस्थानों के माध्यम से अधिकारियों को शिक्षा, स्वास्थ्य, अनुसंधान और प्रशासनिक व्यवस्था की जानकारी मिल रही है।
सुखाश्रय योजना की जानकारी लेने के निर्देश
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने प्रोबेशनर अधिकारियों को मशोबरा स्थित बाल देखभाल संस्थान (CCI) का दौरा करने और प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना की जानकारी लेने के लिए भी प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत प्रदेश के निराश्रित और बेसहारा बच्चों को “Children of the State” का दर्जा दिया गया है। उनके रहने, खाने, शिक्षा और अन्य आवश्यकताओं का पूरा खर्च राज्य सरकार द्वारा वहन किया जाता है।
बजट सत्र में भाग लेने का सुझाव
उपायुक्त ने अधिकारियों को जानकारी दी कि 21 मार्च 2026 को सुखविंदर सिंह सुक्खू वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत करेंगे। उन्होंने प्रोबेशनर अधिकारियों को बजट सत्र में भाग लेने का सुझाव दिया, ताकि वे नीति निर्माण की प्रक्रिया को करीब से समझ सकें।
जमीनी अनुभव का महत्व
अनुपम कश्यप ने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन दौरे अधिकारियों को प्रशासनिक कार्यों की वास्तविक चुनौतियों और जमीनी हकीकत से परिचित कराते हैं। उन्होंने कहा कि यह अनुभव भविष्य में उन्हें समाज के कमजोर वर्गों के प्रति अधिक संवेदनशील बनाएगा।
नोडल अधिकारी की नियुक्ति
इस दौरान तहसील कल्याण अधिकारी सुरेंद्र बिमटा भी उपस्थित रहे, जिन्हें जिला प्रशासन द्वारा प्रोबेशनर अधिकारियों के साथ नोडल अधिकारी के रूप में तैनात किया गया है।
निष्कर्ष
शिमला में IAS प्रोबेशनर अधिकारियों का यह अध्ययन दौरा प्रशासनिक प्रशिक्षण का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे उन्हें न केवल सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी मिलती है, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों के साथ जुड़कर उनकी समस्याओं को समझने का अवसर भी प्राप्त होता है। 