शिमला में GI महोत्सव शुरू, 100 उत्पादों की प्रदर्शनी

rakesh nandan

27/03/2026

शिमला में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के तहत आयोजित Xpo Originals GI महोत्सव का भव्य शुभारंभ हुआ। यह महोत्सव शिमला के प्रतिष्ठित द पीटरहॉफ होटल में आयोजित किया जा रहा है और 29 मार्च 2026 तक चलेगा।

इस महोत्सव में देशभर से आए कारीगरों और उत्पादकों द्वारा 45 स्टॉल्स के माध्यम से लगभग 100 जियोग्राफिकल इंडिकेशन (GI) प्रमाणित उत्पादों का प्रदर्शन किया जा रहा है। यह आयोजन भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक शिल्पकला को एक मंच पर प्रस्तुत करने का अनूठा अवसर प्रदान करता है।

कार्यक्रम में केंद्र सरकार के अतिरिक्त सचिव एवं विकास आयुक्त (एमएसएमई) डॉ. रजनीश तथा हिमाचल प्रदेश सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव आर. डी. नजीम विशेष रूप से उपस्थित रहे।

डॉ. रजनीश ने अपने संबोधन में कहा कि जीआई उत्पाद भारतीय एमएसएमई क्षेत्र के लिए तेजी से उभरता हुआ महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। उन्होंने बताया कि जीआई टैग वाले उत्पाद अपनी विशिष्ट पहचान, प्रामाणिकता और सांस्कृतिक महत्व के कारण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में बड़ी मांग रखते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि जीआई उत्पादों को बढ़ावा देने से न केवल पारंपरिक कला और शिल्प का संरक्षण होता है, बल्कि यह छोटे उद्यमियों और कारीगरों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने में भी मदद करता है।

वहीं, आर. डी. नजीम ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन जीआई उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए अत्यंत प्रभावशाली हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जीआई को बढ़ावा देने से आर्थिक विकास का लाभ समाज के निचले स्तर तक पहुंचता है, जिससे कारीगरों, किसानों और छोटे उत्पादकों को सीधा फायदा मिलता है।

महोत्सव के पहले दिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों और पर्यटकों ने भाग लिया। आकर्षक माहौल और विविध उत्पादों के कारण अधिकांश आगंतुक खरीदारी करते हुए नजर आए, जो इस आयोजन की लोकप्रियता को दर्शाता है।

इस प्रदर्शनी में देश के विभिन्न हिस्सों से आए दुर्लभ और अनूठे उत्पाद भी देखने को मिल रहे हैं। इनमें Agates of Cambay, Baluchari साड़ियां, भागलपुर सिल्क, Karvath Kati साड़ियां जैसे पारंपरिक उत्पाद शामिल हैं।

इसके अलावा मणिपुर के विशेष खाद्य उत्पाद जैसे Chak Hao (ब्लैक राइस), Tamenglong संतरा, Sirarakhong Hathei मिर्च और Kachai नींबू भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

महोत्सव में हैंडलूम साड़ियां, टेक्सटाइल्स, ज्वेलरी, हैंडीक्राफ्ट, होम डेकोर, मसाले, सिरप, कृषि उत्पाद, फुटवियर और खिलौनों सहित कई प्रकार के उत्पाद उपलब्ध हैं। सभी उत्पाद जीआई प्रमाणित हैं, जो उनकी गुणवत्ता और प्रामाणिकता की गारंटी देते हैं।

आगंतुकों ने विशेष रूप से कारीगरों से सीधे जुड़कर खरीदारी करने के अनुभव की सराहना की। इससे उन्हें उत्पादों की विशेषताओं और उनकी पारंपरिक पृष्ठभूमि को समझने का अवसर मिला।

यह महोत्सव सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) के सहयोग से आयोजित किया गया है। इसका आयोजन इंडिया एसएमई फोरम द्वारा किया गया है, जबकि इसे CIPRPF द्वारा क्यूरेट किया गया है।

महोत्सव का उद्देश्य जीआई उत्पादों को बढ़ावा देना और कारीगरों, किसानों एवं छोटे उद्यमियों को सीधे बाजार से जोड़ना है, ताकि उन्हें अपने उत्पादों के लिए बेहतर अवसर मिल सकें।

यह प्रदर्शनी प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक खुली रहेगी। शिमला और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए यह एक शानदार अवसर है कि वे देशभर के असली और उच्च गुणवत्ता वाले जीआई उत्पादों को देखें और खरीदें।

कुल मिलाकर, यह महोत्सव न केवल व्यापार और संस्कृति का संगम है, बल्कि यह भारत की पारंपरिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है।