जिला में गैस, पेट्रोल और डीजल की उपलब्धता को लेकर उत्पन्न हो रही आशंकाओं के बीच जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में इन आवश्यक वस्तुओं की पर्याप्त आपूर्ति बनी हुई है। उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि जिले में घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की किसी प्रकार की कमी नहीं है और नियमित रूप से आपूर्ति जारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे इन वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण न करें। उपायुक्त यह बात जिला के सभी उपमंडल दंडाधिकारियों (एसडीएम) के साथ आयोजित एक समीक्षा बैठक के दौरान कह रहे थे। यह बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से आयोजित की गई, जिसमें जिले में गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई।
गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता
बैठक में अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई कि जिले में घरेलू गैस सिलेंडरों की पर्याप्त उपलब्धता है। बताया गया कि आज जिले के लिए कुल 4488 घरेलू गैस सिलेंडर प्राप्त हुए, जिनमें से 4249 सिलेंडर विभिन्न क्षेत्रों में वितरण के लिए भेज दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त जिले में अभी भी 8382 घरेलू गैस सिलेंडर उपलब्ध हैं। इसी प्रकार 521 वाणिज्यिक गैस सिलेंडर भी जिले में भेजे गए हैं, जबकि 499 वाणिज्यिक सिलेंडर अतिरिक्त रूप से उपलब्ध हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक सिलेंडरों की आपूर्ति प्राथमिकता के आधार पर अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को सुनिश्चित की जा रही है, ताकि आवश्यक सेवाएं प्रभावित न हों।
पेट्रोल और डीजल की भी पर्याप्त आपूर्ति
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने बताया कि जिले में पेट्रोल और डीजल का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और इसकी नियमित आपूर्ति जारी है।उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन तेल विपणन कंपनियों के साथ समन्वय स्थापित कर स्थिति की लगातार निगरानी कर रहा है, ताकि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना किसी बाधा के जारी रह सके। उन्होंने नागरिकों से शांति बनाए रखने और प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
मिट्टी तेल और कोयले की मांग भेजने के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने सभी एसडीएम को निर्देश दिए कि गैस के अतिरिक्त विकल्प के रूप में मिट्टी तेल और कोयले की मांग भी तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक एसडीएम अपने-अपने क्षेत्र में मांग का आकलन करें और उसकी सूची जिला नियंत्रक, खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग को भेजें। इससे आवश्यकता पड़ने पर लोगों को वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध करवाया जा सकेगा।
रोजाना स्थिति की रिपोर्ट देने के निर्देश
उपायुक्त ने सभी उपमंडल दंडाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में पेट्रोल पंप और गैस एजेंसियों के साथ प्रतिदिन बैठक करें और आपूर्ति की स्थिति का जायजा लें। उन्होंने कहा कि प्रत्येक एसडीएम को प्रतिदिन शाम को निर्धारित प्रारूप में रिपोर्ट प्रस्तुत करनी होगी।
इसके अलावा उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि—
होटल, रेस्टोरेंट और अन्य वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों के उपयोग की जांच की जाए
पेट्रोल पंपों पर उपलब्ध स्टॉक और आरक्षित कोटा की नियमित जांच की जाए
क्षेत्र में मिट्टी तेल की आवश्यकता का भी आकलन किया जाए
उन्होंने कहा कि सरकार के निर्देशानुसार गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की स्थिति की रोजाना निगरानी करना आवश्यक है।
कैन में पेट्रोल और डीजल देने पर रोक
बैठक में यह भी निर्देश दिए गए कि पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं को कैन में पेट्रोल या डीजल न दिया जाए, ताकि इन वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण रोका जा सके। प्रशासन का मानना है कि यदि अनावश्यक खरीद और भंडारण को रोका जाए तो सभी उपभोक्ताओं को समय पर ईंधन उपलब्ध कराया जा सकता है।
विकास कार्यों के लिए डीजल उपलब्ध रहेगा
उपायुक्त ने यह भी कहा कि जिले में चल रहे बड़े विकास कार्यों में मशीनरी के संचालन के लिए डीजल की आवश्यकता होती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ऐसे कार्यों के लिए डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी प्रकार से विकास कार्य प्रभावित न हों।
कई अधिकारी रहे उपस्थित
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
इनमें प्रमुख रूप से शामिल थे—
पंकज शर्मा
मंजीत शर्मा
ओशिन शर्मा
अनीता ठाकुर
इसके अलावा अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
प्रशासन की अपील
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और आवश्यक वस्तुओं का अनावश्यक भंडारण न करें। प्रशासन का कहना है कि यदि सभी नागरिक जिम्मेदारी से व्यवहार करें और नियमों का पालन करें तो जिले में आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बिना किसी समस्या के जारी रखी जा सकती है।