शिमला में SDM करेंगे राहत घरों का निरीक्षण

rakesh nandan

28/03/2026

जिला शिमला में आपदा राहत पैकेज के तहत बनाए जा रहे घरों की प्रगति को लेकर प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। Anupam Kashyap के निर्देशों के अनुसार 29 मार्च 2026 को जिले के सभी 12 एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में जाकर लाभार्थियों के घरों का निरीक्षण करेंगे।

यह निरीक्षण विशेष रूप से उन लाभार्थियों के लिए किया जाएगा, जिनके घर पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए थे और जिन्हें आपदा राहत पैकेज के तहत वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। एसडीएम मौके पर जाकर निर्माण कार्य की वास्तविक स्थिति का आकलन करेंगे और उसकी विस्तृत रिपोर्ट उपायुक्त कार्यालय को भेजेंगे। इस रिपोर्ट के आधार पर जिले की समायोजित रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि कई लाभार्थियों को वित्तीय सहायता मिलने के बावजूद उनके घरों का निर्माण कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ है। ऐसे में यह निरीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए किया जा रहा है कि सहायता राशि का सही उपयोग हो रहा है या नहीं।

उन्होंने पटवारियों को भी निर्देश दिए कि वे अपने क्षेत्र में लाभार्थियों के घरों की स्थिति को फील्ड बुक में दर्ज करें। यदि कोई पटवारी रिपोर्ट तैयार नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही निर्माण कार्य शुरू होने से पहले और निर्माण के दौरान की फोटो भी राजस्व विभाग के पास जमा करवाना अनिवार्य किया गया है।

प्रशासन ने यह भी संकेत दिए हैं कि उन मामलों की जांच की जाएगी, जहां पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घर दिखाकर राहत ली गई, जबकि वास्तविक स्थिति आंशिक क्षति की थी। इस प्रकार की अनियमितताओं पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

आपदा राहत पैकेज 2023 के तहत जिले में कुल 405 लाभार्थियों को पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए सहायता दी गई है। इनमें चौपाल में 83, ठियोग में 26, कुमारसैन में 48, रोहडू में 22, कुपवी में 11, शिमला ग्रामीण में 8, डोडरा क्वार में 3, जुब्बल में 37, रामपुर में 120 और कोटखाई में 55 लाभार्थी शामिल हैं। इनमें से 366 को पहली किस्त, 254 को दूसरी और 175 को तीसरी किस्त जारी की जा चुकी है।

इसके अलावा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए 2149 लाभार्थियों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। वहीं आपदा राहत पैकेज 2025 के तहत 115 पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त और 725 आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त घरों के लिए सहायता जारी की गई है।

प्रशासन द्वारा दिए गए निर्देशों के तहत सभी एसडीएम अपने-अपने क्षेत्रों में निर्धारित लाभार्थियों के घरों का निरीक्षण करेंगे। उदाहरण के तौर पर डोडरा क्वार, रोहडू, चौपाल, ठियोग, कुमारसैन, कुपवी, कोटखाई, सुन्नी, रामपुर और शहरी क्षेत्रों में संबंधित एसडीएम मौके पर जाकर निरीक्षण करेंगे।

उपायुक्त ने यह भी बताया कि 10 अप्रैल 2026 को जिले के सभी राजस्व अधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें इस पूरे अभियान की समीक्षा की जाएगी और आगे की रणनीति तय की जाएगी।

इस कदम का उद्देश्य न केवल पारदर्शिता सुनिश्चित करना है, बल्कि यह भी देखना है कि सरकारी सहायता सही लाभार्थियों तक पहुंच रही है और उसका उपयोग निर्धारित उद्देश्य के लिए ही किया जा रहा है। इससे भविष्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सकेगा।

कुल मिलाकर, जिला प्रशासन द्वारा उठाया गया यह कदम आपदा राहत कार्यों की निगरानी और प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे यह सुनिश्चित होगा कि प्रभावित परिवारों को समय पर और सही तरीके से सहायता मिल सके।