सर्वाइकल कैंसर पर विशेष टीकाकरण अभियान शुरू

rakesh nandan

21/02/2026

सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ पहली बार सरकार द्वारा विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत की जा रही है। इस अभियान के तहत 1 मार्च 2026 से आशा वर्कर घर-घर जाकर सर्वे करेंगी और पात्र बालिकाओं की पहचान करेंगी।

इस संबंध में आज उपायुक्त शिमला Anupam Kashyap की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें अभियान की रूपरेखा और व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई।

बताया गया कि राष्ट्रव्यापी टीकाकरण अभियान की औपचारिक शुरुआत 29 मार्च 2026 से प्रस्तावित है। यह अभियान तीन माह तक चलेगा और प्रत्येक रविवार को टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे।


क्या है सर्वाइकल कैंसर?

सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय ग्रीवा (बच्चेदानी के निचले हिस्से) में होने वाला कैंसर है। इसका प्रमुख कारण ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) संक्रमण है, जो सामान्यतः यौन संपर्क के माध्यम से फैलता है।

यह कैंसर 30 से 50 वर्ष आयु वर्ग की महिलाओं में अधिक पाया जाता है। विश्व स्तर पर यह महिलाओं में चौथा सबसे आम कैंसर है, जबकि भारत में यह दूसरा सबसे अधिक पाया जाने वाला कैंसर है।

भारत में प्रतिवर्ष लगभग 1.2 से 1.3 लाख नए मामले सामने आते हैं और लगभग 75,000 से 80,000 महिलाओं की मृत्यु इससे होती है।

एचपीवी टीकाकरण और नियमित जांच (स्क्रीनिंग) के माध्यम से इस कैंसर को काफी हद तक रोका जा सकता है।


किस आयु वर्ग के लिए है टीकाकरण?

स्वास्थ्य मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार:

  • जिन बालिकाओं ने 14 वर्ष की आयु पूर्ण कर ली है लेकिन 15 वर्ष पूर्ण नहीं किए हैं, वे इस टीकाकरण के लिए पात्र हैं।

  • प्रवासी एवं बेसहारा बालिकाओं को भी अभियान में शामिल किया जाएगा।

  • यह एकल (Single Dose) खुराक दी जाएगी।

बैठक में बताया गया कि यूएस निर्मित वैक्सीन गार्डासिल की 0.5 एमएल की एक डोज बाएं बाजू के ऊपरी हिस्से में लगाई जाएगी।

यह टीका सुरक्षित, प्रभावी तथा राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरणों द्वारा अनुमोदित है।

विशेषज्ञों के अनुसार, समय पर टीकाकरण से लगभग 83 प्रतिशत तक सर्वाइकल कैंसर के मामलों को रोका जा सकता है।


शिमला जिले में 39 स्थल चिन्हित

इस अभियान के तहत टीकाकरण पूरी तरह निशुल्क होगा।

जहां निजी क्षेत्र में इस टीके की एक खुराक की कीमत लगभग 10,000 रुपये तक हो सकती है, वहीं सरकारी अभियान के तहत इसे मुफ्त उपलब्ध कराया जाएगा।

  • शिमला शहर में 5 स्थल चिन्हित

  • पूरे जिले में कुल 39 टीकाकरण केंद्र निर्धारित

टीकाकरण चयनित रविवार को सरकारी अस्पतालों और निर्धारित केंद्रों पर किया जाएगा।


यू-विन पोर्टल पर होगा पंजीकरण

टीकाकरण के लिए पात्र बालिकाओं का पंजीकरण यू-विन पोर्टल पर किया जाएगा।

  • आशा वर्कर घर-घर जाकर पंजीकरण करेंगी

  • अभिभावकों की सहमति अनिवार्य होगी

  • ओटीपी के माध्यम से ऑनलाइन सहमति दर्ज की जाएगी

टीकाकरण के बाद हल्का बुखार या इंजेक्शन स्थल पर हल्का दर्द जैसे सामान्य लक्षण हो सकते हैं।

निर्देश दिए गए हैं कि:

  • टीकाकरण के लिए खाली पेट न आएं

  • टीका लगने के बाद 30 मिनट निगरानी में रहें


उपायुक्त के निर्देश

उपायुक्त अनुपम कश्यप ने निर्देश दिए कि सभी 39 केंद्रों पर पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

उन्होंने श्रम विभाग को प्रवासी मजदूरों के परिवारों तक पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि कोई भी पात्र बालिका टीकाकरण से वंचित न रहे।

शिक्षा विभाग को भी स्कूलों के माध्यम से जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।


विशेषज्ञों की उपस्थिति

बैठक में विभिन्न स्वास्थ्य और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें शामिल थे:

  • Indira Gandhi Medical College Shimla की प्रधानाचार्य डॉ. सीता ठाकुर

  • मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल रांटा

  • कमला नेहरू अस्पताल के अधिकारी

  • जिला टीकाकरण अधिकारी एवं अन्य विभागीय प्रतिनिधि


निष्कर्ष

सर्वाइकल कैंसर के विरुद्ध यह विशेष टीकाकरण अभियान महिलाओं के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है।

अभिभावकों से अपील की गई है कि वे अपनी पात्र बालिकाओं का टीकाकरण अवश्य करवाएं और स्वस्थ भविष्य सुनिश्चित करे