शिमला में बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा, DC के निर्देश

rakesh nandan

07/04/2026

अनुपम कश्यप की अध्यक्षता में मंगलवार को बचत भवन, शिमला में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न बैंकिंग योजनाओं और वित्तीय समावेशन से जुड़े पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित विभागों और बैंकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने कहा कि केंद्र और प्रदेश सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने वित्तीय साक्षरता को बढ़ाने पर विशेष बल देते हुए कहा कि लोगों को बैंकिंग सेवाओं और योजनाओं की जानकारी होना बेहद जरूरी है, जिससे वे इनका सही तरीके से लाभ उठा सकें।


💼 स्वरोजगार और अर्थव्यवस्था को मिल रहा बढ़ावा

उपायुक्त ने कहा कि बैंकों के सहयोग से लोग स्वरोजगार के अवसरों को सशक्त बना रहे हैं, जिससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है, बल्कि प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है। उन्होंने सभी बैंकों को निर्देश दिए कि विभिन्न योजनाओं के तहत लंबित आवेदनों की औपचारिकताएं शीघ्र पूरी की जाएं, ताकि लाभार्थियों को समय पर सहायता मिल सके।


📊 बैंकिंग नेटवर्क और उपलब्धियां

बैठक में प्रस्तुत रिपोर्ट के अनुसार जिले में बैंकिंग सुविधाओं का व्यापक विस्तार हुआ है।

  • जिले में 48 बैंकों की 390 शाखाएं संचालित हैं
  • कुल 336 एटीएम उपलब्ध हैं
  • इनमें से 271 शाखाएं ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित हैं

जिले का ऋण-जमा अनुपात (CD Ratio) 46.88 प्रतिशत तक पहुंच गया है, जो बैंकिंग गतिविधियों में सुधार को दर्शाता है।


📈 क्रेडिट प्लान और किसान क्रेडिट कार्ड

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए निर्धारित एनुअल क्रेडिट प्लान का 43.27% लक्ष्य हासिल किया जा चुका है।

किसानों के लिए चलाई जा रही किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) योजना के तहत उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है—

  • लक्ष्य: 50,000
  • उपलब्धि: 94,441
  • जारी रूपे कार्ड: 49,149

यह आंकड़े दर्शाते हैं कि कृषि क्षेत्र में वित्तीय सहायता तेजी से बढ़ रही है।


👩‍👩‍👧‍👦 स्वयं सहायता समूहों को सहायता

जिले में 184 स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को अब तक 5.70 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की गई है। इससे ग्रामीण महिलाओं और समूह आधारित उद्यमों को मजबूती मिल रही है।


🏭 रोजगार योजनाओं में प्रगति

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) के तहत जिले में 84 मामलों को स्वीकृति दी गई है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है।

इसके अलावा रूरल सेल्फ एंप्लॉयमेंट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (RSETI) के माध्यम से 655 लोगों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है, जिससे युवाओं को कौशल विकास के अवसर मिल रहे हैं।


🏦 जन धन योजना की स्थिति

प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के तहत जिले में 31 दिसंबर 2025 तक—

  • कुल खाते: 1,96,314
  • शून्य बैलेंस खाते: 22,943
  • जारी रूपे कार्ड: 1,32,664

इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि वित्तीय समावेशन की दिशा में जिला लगातार आगे बढ़ रहा है।


👥 बैठक में उपस्थिति

इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त शिमला सचिन शर्मा सहित विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।