उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि आगामी सेब सीजन के सफल संचालन के लिए सभी उपमंडल दण्डाधिकारी स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए कार्य करें। वह आज वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जिला शिमला के सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों, खंड विकास अधिकारियों, एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, बागवानी विभाग, एचपीएमसी सहित अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ सेब सीजन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
उपायुक्त ने कहा कि बैठक का उद्देश्य गत सेब सीजन में आई समस्याओं को ध्यान में रखते हुए आगामी सीजन की बेहतर तैयारी करना है, ताकि बागवानों और परिवहन से जुड़े लोगों को किसी प्रकार की कठिनाई का सामना न करना पड़े। बैठक में जानकारी दी गई कि वर्ष 2025 में कुल 1,36,60,824 पेटियां सेब का उत्पादन हुआ, जबकि 92,539 मीट्रिक टन सेब एमआईएस के तहत एमएसपी पर खरीदा गया।
उन्होंने कहा कि गत वर्ष एमएसपी पर बड़ी मात्रा में सेब खरीदा गया, लेकिन समय पर उठान न होने के कारण करोड़ों रुपये का सेब खराब हुआ, जो बागवानी क्षेत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने निर्देश दिए कि आगामी सेब सीजन में एचपीएमसी और हिमफैड के साथ बेहतर समन्वय बनाकर ऐसी स्थिति से बचा जाए, ताकि बागवानों को नुकसान न हो।
ग्रेडिंग और यूनिवर्सल कार्टन पर चिंता
बैठक में बताया गया कि प्रदेश में यूनिवर्सल कार्टन प्रणाली लागू होने के बावजूद ग्रेडिंग सेंटरों की प्रभावी जांच न होने से कई स्थानों पर कार्टन में 20 किलोग्राम से अधिक, कहीं-कहीं 22 से 27 किलोग्राम तक सेब भरा जा रहा है। इसके साथ ही बागवानों द्वारा बगीचों में अवशेष जलाने से जंगलों में आग और वायु प्रदूषण की समस्या भी सामने आ रही है, जिस पर जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता बताई गई।
सड़कों और पुलों को प्राथमिकता
उपायुक्त ने सभी उपमंडल दण्डाधिकारियों को निर्देश दिए कि सेब सीजन से पहले अपने-अपने क्षेत्रों में सड़कों और पुलों की स्थिति पर विशेष ध्यान दें, विशेषकर उन मार्गों पर जहां से अधिकतम सेब यातायात होता है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर पूर्व तैयारी बैठकें आयोजित करने और सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
अनुग्रह राशि के त्वरित भुगतान के निर्देश
उपायुक्त ने उपमंडल दण्डाधिकारी कोटखाई को पिछले सेब सीजन के दौरान हुई पिकअप दुर्घटना में मृत मजदूरों के परिजनों को शीघ्र अनुग्रह राशि जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सेब उद्योग बाहरी मजदूरों के सहयोग से चलता है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना जिला प्रशासन की जिम्मेदारी है।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त दिव्यांशु सिंगल, अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी कानून एवं व्यवस्था पंकज शर्मा, एसडीएम शिमला ग्रामीण मंजीत शर्मा, एसडीएम कुपवी अमन कुमार राणा, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी विश्व मोहन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।