शिलाई अवैध कटान पर ABVP का जागरूकता अभियान

rakesh nandan

22/03/2026

हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले के शिलाई क्षेत्र में सामने आए अवैध पेड़ कटान मामले को लेकर अब छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) ने मोर्चा खोल दिया है। संगठन ने नाहन से एक जागरूकता अभियान की शुरुआत की है, जिसका उद्देश्य जंगलों को बचाना और लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है।

एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने इस अभियान के तहत पेड़ों पर पोस्टर चस्पा कर लोगों को संदेश दिया कि जंगलों और पर्यावरण की रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इसके साथ ही संगठन ने अवैध कटान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग भी उठाई है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि यदि समय रहते इस तरह की घटनाओं पर रोक नहीं लगाई गई, तो इसका गंभीर असर पर्यावरण और आने वाली पीढ़ियों पर पड़ेगा।

एबीवीपी के अनुसार, शिलाई क्षेत्र में कुछ पेड़ों को काटने की अनुमति की आड़ में 300 से अधिक पेड़ों का अवैध कटान किया गया है, जो बेहद चिंताजनक है। संगठन ने आरोप लगाया है कि इस पूरे मामले में वन माफिया सक्रिय हैं और उन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है।

मीडिया से बातचीत के दौरान एबीवीपी कैंपस सचिव साहिल ठाकुर ने प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्तमान सरकार वन माफिया को संरक्षण देने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों का कटान होना केवल लापरवाही नहीं, बल्कि एक संगठित गड़बड़ी की ओर इशारा करता है।

उन्होंने यह भी कहा कि अब तक की कार्रवाई में केवल छोटे अधिकारियों पर ही गाज गिराई गई है, जबकि इस पूरे मामले में बड़े अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। एबीवीपी ने मांग की है कि इस मामले में डीएफओ (Divisional Forest Officer) की जवाबदेही भी तय की जाए और निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

संगठन का कहना है कि केवल निचले स्तर के कर्मचारियों पर कार्रवाई करना समस्या का समाधान नहीं है। जब तक इस तरह के मामलों में उच्च अधिकारियों की जवाबदेही तय नहीं की जाएगी, तब तक अवैध कटान जैसी घटनाओं पर रोक लगाना मुश्किल होगा।

जागरूकता अभियान के तहत एबीवीपी ने लोगों से अपील की है कि वे जंगलों की सुरक्षा में सहयोग करें और किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। संगठन ने यह भी कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को इसमें अपनी भूमिका निभानी चाहिए।

नाहन से शुरू हुआ यह अभियान आने वाले दिनों में अन्य क्षेत्रों में भी चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को जागरूक किया जा सके। एबीवीपी ने स्पष्ट किया है कि यदि इस मामले में उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो संगठन आंदोलन को और तेज करेगा।

यह मामला न केवल कानून व्यवस्था से जुड़ा है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का भी महत्वपूर्ण मुद्दा है। लगातार बढ़ रही ऐसी घटनाएं यह संकेत देती हैं कि जंगलों की सुरक्षा के लिए सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है।

अंत में, एबीवीपी ने प्रदेश सरकार से मांग की है कि अवैध कटान में शामिल सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस नीति बनाई जाए।