एसएफआई ठियोग कमेटी का 23वाँ सम्मेलन सम्पन्न हो गया है। सम्मेलन में 15 सदस्य कमेटी का चुनाव किया गया और 6 सदस्य सचिवालय का चुनाव किया गया। ठियोग इकाई के 23 वी कमेटी ने ज्योति को अध्यक्ष और अंशुल को बतौर सचिव चुना गया।

सम्मेलन में एसएफआई शिमला जिला उपाध्यक्ष नीतीश राजटा और एसएफआई भूतपूर्व THEOG इकाई के अध्यक्ष जगदीश और संदीप और महिला समिति से आए पूजा कंवर भी मौजूद रहे।

सम्मेलन का उद्घाटन एसएफआई शिमला जिला उपाध्यक्ष कॉमरेड नीतीश राजटा ने किया। उद्घाटन भाषण में अपनी बात रखते हुए उन्होंने बताया की आज के दौर में छात्र राजनीति का क्या महत्व है और क्यों सभी छात्रों को छात्र संगठन के नजदीक लाने की आवश्यकता है।

राज्य सचिव ने नव उदारवाद और निजीकरण के सार्वजनिक क्षेत्र पर हमले से सभी लोगों को अवगत करवाया उन्होंने अपने भाषण में बताया कि अंतर्राष्ट्रीय राजनीति में जो उथल पुथल देखी जा रही है, एक तरफ पूंजीवादी ताकतें कमजोर देशों को अपना आर्थिक गुलाम बनाने में लगी हुई है साथ ही साथ उन्होंने देश में मीडिया और लोकतंत्र की स्थिति से भी अवगत करवाया।

सम्मेलन में लिंग संवेदनशील कमेटी का लोकतांत्रिक तरीके से गठन , छात्र संघ चुनाव बहाली और स्कूलों में संगठन बनाने पीटीए और नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर प्रस्ताव रखे गए

सम्मेलन में इन सभी प्रस्तावों और वार्षिक रिपोर्ट पर गंभीर चर्चा की गई। नीतीश राजटा ने कहा कि एसएफआई जैसे जनवादी और प्रगतिशील छात्र संगठन की प्रासंगिकता इस पूंजीवादी और सांप्रदायिक माहौल में आज और अधिक बढ़ जाती है।

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