SFI शिमला जिला सम्मेलन में नई जिला कमेटी का चुनाव, शिक्षा संकट और छात्र अधिकारों पर हुआ व्यापक मंथन

rakesh nandan

24/11/2025

स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) शिमला जिला का दो दिवसीय जिला सम्मेलन कालीवाड़ी हॉल शिमला में आयोजित किया गया, जिसमें संगठन की नई जिला कमेटी का चुनाव सर्वसम्मति से किया गया। सम्मेलन का उद्घाटन SFI हिमाचल प्रदेश राज्य सचिव कॉमरेड सनी सेकटा ने किया।

नई जिला कमेटी का गठन

सम्मेलन में 35 सदस्यीय जिला कमेटी का चुनाव किया गया।
नए पदाधिकारी इस प्रकार हैं—

  • जिला अध्यक्ष: कॉमरेड विवेक ठाकुर

  • जिला सचिव: कॉमरेड पवन कुमार

  • उपाध्यक्ष: कॉमरेड अखिल मांटा, अदिति, रेणुका, राहुल विद्यार्थी

  • सह-सचिव: विवेक बिरसानाटा, पूजा, तिलक राज, कृतिका, अंशुल मिन्हास
    इसके अलावा कॉमरेड अंकित, प्रवेश, स्नेहा, कुशल राणा, सौरभ, वंशिका शर्मा, लवली, मीना राम, प्रियांशु, हिमांशु, सुमित, दीक्षित, काश्वी, अनुष्का, पियूष, अंकुश, महल सहित अन्य सदस्यों को भी जिला कमेटी में चुना गया।

शिक्षा क्षेत्र में खामियों पर गहन चर्चा

सम्मेलन में हिमाचल प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें शामिल हैं—

  • प्रदेश में स्कूल बंदी और स्कूलों के मर्जर का विरोध

  • PTA फंड के नाम पर छात्रों से की जा रही लूट

  • छात्रों के लिए उचित बस सुविधा की कमी

  • शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने में देरी

  • विश्वविद्यालयों में री-इवैल्युएशन और री-अपेयर फीस की लूट

  • ERP सिस्टम के माध्यम से छात्रों पर जबरन डिजिटल बोझ

  • परीक्षा परिणामों में बढ़ती गड़बड़ियां और अकादमिक भ्रष्टाचार

NEP 2020 पर SFI का तीखा विरोध

सम्मेलन में कहा गया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 सार्वजनिक शिक्षा ढांचे को कमजोर कर रही है।

  • प्रदेश में 818 स्कूल बंद और 535 स्कूल मर्ज किए जा चुके हैं।

  • शिक्षा लगातार महंगी होती जा रही है।

  • NEP के माध्यम से शिक्षा को व्यावसायिक और निजी कंपनियों के हितों के अनुरूप ढाला जा रहा है।

  • केंद्र सरकार द्वारा RSS की विचारधारा को शिक्षा पर थोपने का आरोप भी लगाया गया।

छात्र अधिकारों पर हमले—छात्र संघ चुनाव 12 साल से बंद

सम्मेलन में बताया गया कि—

  • 12 वर्षों से छात्र संघ चुनाव बंद हैं

  • छात्रों को अपनी समस्याओं को उठाने के लिए कोई लोकतांत्रिक मंच उपलब्ध नहीं

  • यह छात्रों के जनवादी अधिकारों पर सीधा हमला है

SFI का संकल्प

सम्मेलन में निर्णय लिया गया कि—

  • SFI शिक्षा को बचाने के लिए प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज करेगी

  • अकादमिक भ्रष्टाचार के खिलाफ संघर्ष जारी रहेगा

  • हिमाचल में बढ़ती सांप्रदायिकता के विरुद्ध भी मोर्चा मजबूत किया जाएगा