शहीदी दिवस पर SFI का प्रदर्शन, पुतले जलाए

rakesh nandan

23/03/2026

शहीदी दिवस के अवसर पर हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय (HPU) परिसर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) इकाई द्वारा एक विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान क्रांतिकारी शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और उनके बलिदान को याद किया गया।

कार्यक्रम के दौरान SFI कार्यकर्ताओं ने साम्राज्यवादी नीतियों के विरोध में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले जलाकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन के माध्यम से संगठन ने वैश्विक और राष्ट्रीय नीतियों पर अपनी असहमति जताई।

इस अवसर पर कैंपस सचिव कामरेड मुकेश ने कहा कि आज के दौर में अमेरिका जैसी शक्तिशाली देश अन्य राष्ट्रों पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए युद्ध और हस्तक्षेप की नीति अपना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि साम्राज्यवादी ताकतें अपने आर्थिक और राजनीतिक हितों की पूर्ति के लिए वैश्विक संघर्षों को बढ़ावा दे रही हैं, जिससे विश्व शांति पर गंभीर खतरा उत्पन्न हो रहा है।

उन्होंने कहा कि इन नीतियों का असर केवल प्रभावित देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका प्रभाव पूरी दुनिया पर पड़ता है। ऐसे में भारत जैसे विकासशील देशों को भी इन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।

SFI हिमाचल प्रदेश इकाई के सचिव सनी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे संघर्षों के कारण देश के भीतर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि महंगाई में वृद्धि, ईंधन और रसोई गैस (LPG) जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता में कमी जैसी समस्याएं आम जनता को प्रभावित कर रही हैं।

उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की कि वह साम्राज्यवादी नीतियों का समर्थन करने के बजाय देशहित में स्वतंत्र और जनपक्षीय नीतियां अपनाए। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसी नीतियां बनानी चाहिए जो आम जनता को राहत प्रदान करें और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करें।

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने नारेबाजी कर अपनी मांगों को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलते हुए अन्याय, शोषण और साम्राज्यवाद के खिलाफ संघर्ष जारी रखा जाएगा।

कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित कार्यकर्ताओं ने शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों का बलिदान आज भी युवाओं को प्रेरित करता है और देश के लिए कुछ करने की भावना को जागृत करता है।

यह विरोध प्रदर्शन न केवल शहीदों को श्रद्धांजलि देने का माध्यम बना, बल्कि वर्तमान वैश्विक और राष्ट्रीय मुद्दों पर युवाओं की सोच और जागरूकता को भी दर्शाता है। SFI ने स्पष्ट किया कि वह भविष्य में भी जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाता रहेगा।