एसएफआई ने हिमाचल में मनाया 55वां स्थापना दिवस

rakesh nandan

30/12/2025

हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने अपना 55वां स्थापना दिवस मनाया। इस अवसर पर संगठन ने अध्ययन, संघर्ष और बलिदान की उस ऐतिहासिक विरासत को याद किया, जिसे आगे बढ़ाते हुए अनेक छात्र कार्यकर्ताओं ने छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ अपने जीवन का बलिदान दिया। स्थापना दिवस के अवसर पर एसएफआई के राज्य सचिव सन्नी सेकटा ने कहा कि आज एसएफआई ऐसे दौर में अपना स्थापना दिवस मना रही है, जब सांप्रदायिक ताकतें लगातार छात्रों की एकजुटता को तोड़ने का प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में छात्रों के सामने शिक्षा के अधिकार और सार्वजनिक शिक्षा के ढांचे को बचाने की बड़ी चुनौती है, जिसके खिलाफ देशभर के छात्र समुदाय को एकजुट होकर संघर्ष करना होगा।

उन्होंने कहा कि एसएफआई वर्ष 1970 से लेकर आज तक देश में शिक्षा के अधिकार, संविधान की रक्षा, सामाजिक न्याय और सांप्रदायिकता के खिलाफ निरंतर संघर्ष कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की मोदी सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की आड़ में शिक्षा के प्राथमिक ढांचे को कमजोर कर रही है और देशभर में 90 हजार से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद किया जा चुका है। इसके चलते सार्वजनिक शिक्षा को खत्म कर पूंजीपतियों को सौंपने की प्रक्रिया तेज हुई है, जिससे गरीब वर्ग के बच्चे शिक्षा से वंचित होते जा रहे हैं।

इस अवसर पर एसएफआई के राज्य अध्यक्ष अनिल ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी कांग्रेस सरकार केंद्र सरकार के नक्शे-कदम पर चलते हुए सार्वजनिक शिक्षा के ढांचे को कमजोर कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में छात्रों को मूलभूत सुविधाएं देने में सरकार असफल रही है और लगातार सरकारी स्कूलों को बंद किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एसएफआई अपने स्थापना काल से ही प्रगतिशील, वैज्ञानिक और धर्मनिरपेक्ष शिक्षा व्यवस्था की पक्षधर रही है। एसएफआई ने स्थापना दिवस के अवसर पर देश और प्रदेश के समस्त छात्र समुदाय को शुभकामनाएं देते हुए आह्वान किया कि आने वाले समय में छात्र विरोधी नीतियों के खिलाफ एकजुट संघर्ष तेज करना होगा, ताकि सार्वजनिक शिक्षा को बचाया जा सके।