SFI द्वारा छात्रों की विभिन्न समस्याओं को लेकर धरना प्रदर्शन

शिमला || 25 जुलाई 2025 || कैंपस संयोजक कामरेड आर्यन ने बात रखते हुए कहा कि बीते 11 वर्षों से प्रदेश में छात्र संघ चुनाव नहीं हो रहे है , जिसके कारण पूरे प्रदेश के अंदर छात्रों के पास अपनी समस्याओं को लड़ने के लिए कोई साझा मंच नहीं रह गया है। छात्र संघ चुनाव के बंद होने से प्रदेश भर के कॉलेजों एवं विश्वविद्यालयों में प्रशासन क्रूरता से छात्र आंदोलन और छात्रों की आवाज को दबाने का काम कर रहा है, और मनमाने तरीकों से प्रशासन को चलाया जा रहा है। कॉमरेड आर्यन ने कहा कि भारत विश्व का सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है लेकिन क्या धरातल में हम लोकतांत्रिक मूल्यों को पूरा करते है। 2014 से छात्रों को चुनने और चुने जाने का अधिकार नहीं है जो छात्रों का जनवादी अधिकार है। SFI सरकार से मांग करती है कि छात्रों के जनवादी अधिकार छात्र संघ चुनाव जल्द से जल्द बहाल किए जाए।

आर्यन ने कहा वर्तमान समय के अंदर प्रदेश भर में सबसे बड़ा मुद्दा PTA के नाम पर महाविद्यालय में चल रही लूट है। कॉलेज फीस के साथ-साथ छात्रों से जो ₹700 – ₹800 अधिक फीस वसूली जा रही है जिससे छात्रों पर और उनके घरवालों पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा है, लेकिन इससे भी जरूरी सवाल यह है की प्रशासन यह जो फीस लेता है आखिर उसे कहां खर्च करता है और छात्रों को उसका ब्यौर क्यों नहीं देता। आर्यन ने कहा कि SFI ने जब संजौली महाविद्यालय में RTI के माध्यम से यह जानने का प्रयास किया कि छात्रों के पैसों को कहां खर्च किया जा रहा है, तो उसे RTI में प्रशासन द्वारा जिस प्रकार से पैसे के उपयोग को दिखाया गया है वह साफ तौर पर प्रशासन में चल रहे भ्रष्टाचार को दर्शाता है। प्रशासन द्वारा 1 साल में करीब 22 लाख रुपए PTA के नाम पर इक्कठा किया जाता है, जिसमें से प्रशासन ने 19 लाख रुपए कॉलेज गेट के साथ लगी दीवार के पुनर्निर्माण में खर्च किया गया है,  और चार मीटिंगों में प्रशासन द्वारा 90000 के करीब पैसा जलपान में खर्च किया गया है। उन्होंने कहा कि सवाल यह है कि कैसे एक दीवार की रंग रंगाई करने में 19 लाख रुपए का खर्च आ सकता है और कैसे चार मीटिंग में 90000 रुपए जलपान पर खर्च हो सकते है।

SFI का मानना है कि इस प्रकार के घोटाले पूरे प्रदेश में चल रहे है। उन्होंने कहा कि PTA के नाम पर छात्रों के साथ जो लूट चल रही है उसे जल्द से जल्द बंद कर दिया जाए। आर्यन ने कहा कि वर्तमान समय में प्रदेश और देश के अंदर जिस प्रकार से छात्रों के साथ शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न के मामले बढ़ रहे है। खास तौर पर शिक्षण संस्थानों के अंदर छात्राओं से छेड़छाड़ के मामलों में लगातार वृद्धि हो रही है । SFI लंबे समय से कॉलेजों में छात्राओं को अच्छा शिक्षण माहौल प्रदान करने के लिए GSCASH कमेटी का गठन करने की मांग कर रही है ताकि शिक्षण संस्थानों में छात्राओं के साथ बढ़ रही यौन हिंसाओं पर रोक लगाई जा सके और छात्राओं को अच्छा शिक्षण माहौल मिल सके।

कैंपस सह संयोजक निशांत ने महाविद्यालय में छात्रों को आने वाली समस्याओं पर बात रखते हुए कहा कि, पिछले लंबे समय से SFI संजौली महाविद्यालय में छात्राओं के लिए गर्ल्स हॉस्टल की लड़ाई लड़ रही है, लेकिन अभी भी प्रशासन द्वारा छात्रावास के कार्य को शीघ्रता के साथ नहीं किया जा रहा , जिससे छात्राओं को महंगे कमरे लेकर शिमला के अंदर रहना पड़ता है। साथ में उन्होंने प्रशासन द्वारा हॉस्टल में फीस वृद्धि का भी विरोध किया । उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष प्रशासन द्वारा हॉस्टल फीस को 17000 से 21500 किया गया । जो छात्रों पर आथिर्क बोझ को बढ़ा देता है। SFI ने सरकार और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर छात्रों की समस्याओं को जल्द से जल्द समाधान न किया गया तो , आने वाले समय में SFI प्रदेश भर के महाविद्यालयों के छात्रों को लामबद्ध करते हुए एक उग्र आंदोलन करेगी, जिसका जिम्मेदार कॉलेज प्रशासन व सरकार स्वयं होगी।

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