बिलासपुर में जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक
राहुल कुमार, उपायुक्त बिलासपुर की अध्यक्षता में आज बचत भवन में जिला स्तरीय तकनीकी समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक जिला प्रबंधक, हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक द्वारा आयोजित की गई, जिसमें विभिन्न विभागों और बैंकिंग संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस निर्धारित करने को लेकर चर्चा करना था।
विभिन्न विभागों के प्रतिनिधियों ने लिया भाग
इस बैठक में कृषि, उद्यान, पशु स्वास्थ्य एवं प्रजनन, मत्स्य पालन और उद्योग विभाग के रेशम उत्पादन से जुड़े अधिकारियों सहित अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक के दौरान इन विभागों से जुड़े विभिन्न कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों की आवश्यकताओं पर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
कृषि गतिविधियों की लागत का विश्लेषण
बैठक में अधिकारियों ने कृषि और इससे जुड़े विभिन्न क्षेत्रों की लागत और आवश्यकताओं का विस्तृत विश्लेषण किया।
इस दौरान विशेष रूप से निम्न बिंदुओं पर चर्चा की गई:
कृषि उत्पादन की लागत
बागवानी गतिविधियों का खर्च
पशुपालन से जुड़ी लागत
मत्स्य पालन से संबंधित वित्तीय आवश्यकताएं
रेशम उत्पादन और अन्य गतिविधियों के लिए वित्तीय जरूरतें
इन सभी पहलुओं का विश्लेषण कर यह तय किया गया कि किसानों को बैंक ऋण उपलब्ध करवाने के लिए उचित वित्तीय मानक निर्धारित किए जाएं।
स्केल ऑफ फाइनेंस का महत्व
उपायुक्त राहुल कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि स्केल ऑफ फाइनेंस कृषि क्षेत्र के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण व्यवस्था है।
उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से किसानों, बागवानों और पशुपालकों को विभिन्न गतिविधियों के लिए बैंक से ऋण प्राप्त करने में सहायता मिलती है।
इसमें मुख्य रूप से निम्न गतिविधियां शामिल हैं:
फसल उत्पादन
बागवानी
डेयरी व्यवसाय
गाय और भैंस पालन
मत्स्य पालन
रेशम उत्पादन
इन गतिविधियों के लिए बैंक ऋण का निर्धारण स्केल ऑफ फाइनेंस के आधार पर ही किया जाता है।
राज्य स्तरीय समिति को भेजी जाएंगी सिफारिशें
उपायुक्त ने बताया कि बैठक में लिए गए निर्णयों और सिफारिशों को राज्य स्तरीय तकनीकी समिति (SLTC) को अनुमोदन के लिए भेजा जाएगा। राज्य स्तरीय समिति द्वारा स्वीकृति मिलने के बाद ही बिलासपुर जिले के लिए निर्धारित स्केल ऑफ फाइनेंस लागू किया जाएगा। इससे जिले के किसानों और अन्य कृषि गतिविधियों से जुड़े लोगों को बैंकिंग संस्थाओं से ऋण प्राप्त करने में सुविधा होगी।
अधिकारियों ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव
बैठक के दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े प्रस्ताव भी प्रस्तुत किए। उन्होंने वर्तमान परिस्थितियों, उत्पादन लागत, संसाधनों की उपलब्धता और किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण सुझाव दिए। इन सुझावों के आधार पर वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए स्केल ऑफ फाइनेंस को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
किसानों को मिलेगा लाभ
स्केल ऑफ फाइनेंस लागू होने के बाद किसानों को अपनी कृषि गतिविधियों के लिए ऋण प्राप्त करने में आसानी होगी। इससे कृषि उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में मदद मिलेगी। साथ ही इससे कृषि क्षेत्र में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में भी सहायता मिलेगी।