SC युवाओं के लिए AI व स्किल ट्रेनिंग शुरू

rakesh nandan

23/03/2026

हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के युवाओं को सशक्त बनाने के उद्देश्य से सरकार द्वारा कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग ने राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT), शिमला के साथ समझौता कर दो महत्वपूर्ण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है। यह पहल युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़कर उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

विभागीय प्रवक्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि इन पाठ्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence – AI) तथा ऑफिस ऑटोमेशन, अकाउंटिंग एवं पब्लिशिंग असिस्टेंट जैसे कोर्स शामिल हैं। इनका संचालन अप्रैल 2026 से मंडी स्थित केंद्र में किया जाएगा। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम विशेष रूप से उन युवाओं के लिए तैयार किया गया है, जो तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाना चाहते हैं।

इस योजना के तहत हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी अनुसूचित जाति वर्ग के 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी, जिसमें 10+2 और स्नातक स्तर पर प्राप्त अंकों के आधार पर उम्मीदवारों का चयन किया जाएगा। इसके अलावा बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) वर्ग के उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को अधिक लाभ मिल सके।

महिला सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए इस योजना में 30 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं। इससे महिलाओं को तकनीकी और व्यावसायिक क्षेत्रों में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।

इच्छुक अभ्यर्थियों को 31 मार्च 2026 तक आवेदन करना होगा। आवेदन जिला कल्याण अधिकारी, मंडी या संबंधित तहसील कल्याण कार्यालय में जमा करवाए जा सकते हैं। विभाग ने युवाओं से समय पर आवेदन करने की अपील की है, ताकि वे इस अवसर का लाभ उठा सकें।

प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आर्थिक सहायता के रूप में ₹2000 प्रतिमाह स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। यह राशि प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में स्थानांतरित की जाएगी। हालांकि, इस स्टाइपेंड का लाभ प्राप्त करने के लिए न्यूनतम 85 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है।

यह प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के अंतर्गत संचालित किया जा रहा है। प्रशिक्षण का मूल्यांकन NIELIT द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा और सफल अभ्यर्थियों को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के माध्यम से प्रमाण-पत्र प्रदान किया जाएगा।

इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में भी सहायता दी जाएगी। इससे युवाओं को न केवल कौशल प्राप्त होगा, बल्कि उन्हें रोजगार प्राप्त करने में भी मदद मिलेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि आज के डिजिटल युग में AI और ऑफिस ऑटोमेशन जैसे कौशल अत्यंत महत्वपूर्ण हो गए हैं। ऐसे में इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाते हैं।

कुल मिलाकर यह योजना न केवल युवाओं के कौशल विकास को बढ़ावा देगी, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनने और समाज में अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर भी प्रदान करेगी। सरकार की यह पहल हिमाचल प्रदेश के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर साबित हो सकती है।