SC युवाओं के लिए AI ट्रेनिंग, आवेदन 10 अप्रैल तक

rakesh nandan

31/03/2026

हिमाचल प्रदेश में अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के युवाओं के लिए कौशल विकास के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण अवसर प्रदान किया गया है। सरकार द्वारा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ऑफिस ऑटोमेशन जैसे आधुनिक विषयों में निःशुल्क प्रशिक्षण के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाकर अब 10 अप्रैल 2026 कर दी गई है। पहले यह तिथि 31 मार्च निर्धारित की गई थी।

यह जानकारी विभागीय प्रवक्ता द्वारा दी गई, जिसमें बताया गया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग युवाओं को रोजगारोन्मुख प्रशिक्षण प्रदान करने के उद्देश्य से लगातार नई पहल कर रहा है। इसी कड़ी में विभाग ने National Institute of Electronics and Information Technology (नाइलिट), शिमला के साथ समझौता कर दो महत्वपूर्ण प्रशिक्षण पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय लिया है।

इन पाठ्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के साथ-साथ ऑफिस ऑटोमेशन, अकाउंटिंग एवं पब्लिशिंग असिस्टेंट जैसे विषय शामिल हैं। इनका संचालन अप्रैल 2026 से मंडी स्थित प्रशिक्षण केंद्र में किया जाएगा।

इस योजना के तहत केवल हिमाचल प्रदेश के स्थायी निवासी अनुसूचित जाति वर्ग के युवा ही आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए आयु सीमा 18 से 35 वर्ष निर्धारित की गई है। चयन प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी, जिसमें अभ्यर्थियों के 10+2 और स्नातक में प्राप्त अंकों को आधार बनाया जाएगा।

विशेष रूप से बीपीएल वर्ग के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जाएगी, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के युवाओं को अधिक अवसर मिल सके। इसके अलावा महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत सीटें आरक्षित रखी गई हैं, जिससे महिला सशक्तिकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।

प्रशिक्षण के दौरान अभ्यर्थियों को हर महीने ₹2000 का स्टाइपेंड प्रदान किया जाएगा। यह राशि प्रशिक्षण पूरा होने के बाद सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में स्थानांतरित की जाएगी। हालांकि, इसके लिए न्यूनतम 85 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य रखी गई है।

प्रवक्ता ने बताया कि इच्छुक अभ्यर्थी अब 10 अप्रैल तक जिला कल्याण अधिकारी, मंडी या संबंधित तहसील कल्याण कार्यालय में जाकर आवेदन जमा कर सकते हैं। यह तिथि बढ़ाने का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र युवाओं को इस योजना का लाभ देना है।

यह प्रशिक्षण Prime Minister Scheduled Caste Abhyuday Yojana के अंतर्गत प्रदान किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना है।

प्रशिक्षण का मूल्यांकन नाइलिट केंद्र द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार किया जाएगा। सफल अभ्यर्थियों को कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय के माध्यम से प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा, जो उनके भविष्य के रोजगार में सहायक होगा।

इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षण पूरा करने के बाद अभ्यर्थियों को निजी क्षेत्र में रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने में भी सहायता दी जाएगी। यह पहल युवाओं को तकनीकी रूप से सक्षम बनाने और डिजिटल युग में प्रतिस्पर्धी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

विशेषज्ञों का मानना है कि AI और ऑफिस ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण प्राप्त करने से युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खुलते हैं। वर्तमान समय में इन कौशलों की मांग तेजी से बढ़ रही है, जिससे प्रशिक्षित युवाओं को बेहतर करियर विकल्प मिल सकते हैं।

कुल मिलाकर, यह योजना अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे आधुनिक तकनीकों में दक्षता हासिल कर अपने भविष्य को संवार सकते हैं।