बिलासपुर में SC/ST अत्याचार निवारण अधिनियम की समीक्षा बैठक
बिलासपुर में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम 1989 के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा के लिए जिला स्तरीय सतर्कता एवं मॉनिटरिंग समिति की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की समीक्षा करना और पीड़ितों को प्रदान की जा रही सहायता की स्थिति का आकलन करना था।
वर्ष 2025-26 में 22 एफआईआर दर्ज
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान इस अधिनियम के तहत जिले में कुल 22 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
उन्होंने बताया कि दर्ज मामलों में से—
11 मामलों में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किए जा चुके हैं
4 मामलों में क्लोजर रिपोर्ट स्वीकृत की गई है
3 मामले प्रस्तावित हैं
उन्होंने कहा कि प्रशासन का प्रयास है कि सभी मामलों की जांच समयबद्ध और निष्पक्ष तरीके से पूरी की जाए।
पीड़ितों को दी गई राहत राशि
बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि अधिनियम के तहत पीड़ितों को राहत राशि प्रदान करने की व्यवस्था भी की जाती है। अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि वर्ष 2025-26 के दौरान लगभग 25 लाख रुपये की राहत राशि पीड़ितों को प्रदान की गई है। इस सहायता का लाभ कुल 29 पीड़ितों को मिला है। उन्होंने कहा कि यह राशि पीड़ितों को न्याय और सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से दी जाती है।
समयबद्ध जांच के दिए निर्देश
बैठक के दौरान अतिरिक्त उपायुक्त ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि अधिनियम के अंतर्गत दर्ज मामलों की जांच में किसी प्रकार की देरी न हो। उन्होंने कहा कि सभी मामलों की जांच समयबद्ध तरीके से पूरी की जानी चाहिए ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके। इसके साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पात्र पीड़ितों को अधिनियम के तहत निर्धारित प्रावधानों के अनुसार राहत राशि शीघ्र उपलब्ध करवाई जाए।
अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में इस बात पर भी जोर दिया गया कि अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों की सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए अधिनियम का प्रभावी क्रियान्वयन बेहद जरूरी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अधिनियम से संबंधित मामलों की नियमित निगरानी करें और किसी भी प्रकार की लापरवाही से बचें।
विभिन्न विभागों के अधिकारी रहे उपस्थित
इस बैठक में कई विभागों के अधिकारी और गैर-सरकारी सदस्य भी उपस्थित रहे।
प्रमुख रूप से उपस्थित रहे—
चन्द्र शेखर भाटिया
रमेश बंसल
इसके अलावा पुलिस विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी भी बैठक में मौजूद रहे।
सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की दिशा में पहल
जिला प्रशासन द्वारा इस प्रकार की समीक्षा बैठकों का आयोजन सामाजिक न्याय और समानता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इन बैठकों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में उचित कार्रवाई हो और पीड़ितों को समय पर सहायता मिल सके।
प्रशासन की प्राथमिकता
अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखते हुए सभी वर्गों के अधिकारों की रक्षा की जाए। उन्होंने कहा कि अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन से समाज में न्याय और समानता की भावना को मजबूत किया जा सकता है।