हिमाचल प्रदेश में युवाओं को आधुनिक तकनीकी कौशल से जोड़ने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक और दिव्यांग सशक्तिकरण निदेशालय द्वारा प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना के तहत कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इस योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान (NIELIT) शिमला के सहयोग से अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं के लिए विशेष प्रशिक्षण कोर्स शुरू किए जा रहे हैं।
नादौन के टिल्लू में शुरू होंगे कोर्स
इन कोर्सों का आयोजन नादौन के समीप टिल्लू स्थित माइक्रो इन्फोटेक एजूकेशन सोसाइटी में किया जाएगा।
अप्रैल 2026 से दो प्रमुख कोर्स शुरू होंगे:
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टेक्नोलॉजी
ऑफिस ऑटोमेशन, अकाउंटिंग एवं पब्लिशिंग
दोनों कोर्स तीन-तीन महीने की अवधि के होंगे।
31 मार्च तक करें आवेदन
इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी 31 मार्च 2026 तक आवेदन कर सकते हैं।
मिलेगा हर महीने वजीफा
जिला कल्याण अधिकारी चमन लाल शर्मा ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ₹2000 प्रतिमाह वजीफा भी दिया जाएगा।
शैक्षणिक योग्यता
दोनों कोर्सों के लिए अलग-अलग पात्रता निर्धारित की गई है:
🔹 AI टेक्नोलॉजी कोर्स
न्यूनतम योग्यता: स्नातक
प्रतिदिन कक्षा: 2 घंटे
🔹 ऑफिस ऑटोमेशन कोर्स
न्यूनतम योग्यता: 12वीं पास
प्रतिदिन कक्षा: 4 घंटे
पात्रता शर्तें
आवेदकों के लिए निम्न शर्तें अनिवार्य हैं:
हिमाचल प्रदेश का स्थायी निवासी होना
अनुसूचित जाति वर्ग से संबंधित होना
आयु 18 से 35 वर्ष के बीच
चयन प्रक्रिया
उम्मीदवारों का चयन:
शैक्षणिक योग्यता (12वीं/स्नातक) के अंकों के आधार पर होगा
बीपीएल उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी जाएगी
इसके अलावा:
30% सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित हैं
पर्याप्त महिला उम्मीदवार न होने पर सीटें पुरुषों को दी जा सकती हैं
रोजगार और आत्मनिर्भरता का अवसर
इन कोर्सों के माध्यम से युवाओं को:
डिजिटल स्किल्स
रोजगार के अवसर
स्वरोजगार की दिशा
में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
AI और ऑफिस ऑटोमेशन जैसे क्षेत्रों में प्रशिक्षण से युवा आधुनिक तकनीकी दुनिया में प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार होंगे।
संपर्क जानकारी
अधिक जानकारी के लिए अभ्यर्थी:
जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं
दूरभाष नंबर: 01972-222379
निष्कर्ष
यह योजना अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे नई तकनीकों में दक्षता हासिल कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। सरकार की यह पहल कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।