सांगला होली समापन में मुख्य अतिथि होंगे नेगी

rakesh nandan

02/03/2026

सांगला में जिला स्तरीय होली उत्सव का समापन 3 मार्च को

जगत सिंह नेगी, राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री, 3 मार्च 2026 को सांगला में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय होली उत्सव के समापन समारोह में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करेंगे। यह तीन दिवसीय जिला स्तरीय होली महोत्सव 1 से 3 मार्च 2026 तक आयोजित किया जा रहा है। आयोजन समिति ने समापन समारोह को भव्य बनाने की तैयारियां पूरी कर ली हैं।


विश्व प्रसिद्ध होली महोत्सव

राजस्व मंत्री ने आयोजकों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सांगला में आयोजित होने वाला होली महोत्सव विश्व प्रसिद्ध त्योहार है। इस अवसर पर देश-विदेश से पर्यटक यहां पहुंचते हैं और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ होली का उत्सव मनाते हैं। उन्होंने कहा कि यह उत्सव केवल रंगों का पर्व नहीं, बल्कि प्रेम, भाईचारे और सद्भावना का प्रतीक है। यह हमारी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।


सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक

सांगला घाटी अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक परंपराओं के लिए जानी जाती है। होली महोत्सव के दौरान स्थानीय लोकनृत्य, पारंपरिक संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। उत्सव के दौरान स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटक भी पारंपरिक वेशभूषा में भाग लेते हैं, जिससे क्षेत्र की सांस्कृतिक पहचान और मजबूत होती है।


पर्यटन को मिलता है बढ़ावा

मंत्री ने कहा कि ऐसे आयोजनों से जिले में पर्यटन को बढ़ावा मिलता है। तीन दिवसीय उत्सव के दौरान होटल, होमस्टे और स्थानीय व्यापारियों को भी लाभ होता है। उन्होंने कहा कि सरकार सांस्कृतिक और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। सांगला होली महोत्सव जैसे आयोजन हिमाचल प्रदेश की छवि को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत करते हैं।


प्रेम और सद्भाव का संदेश

जगत सिंह नेगी ने कहा कि सांगला की होली का संदेश केवल रंगों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और आपसी सम्मान का प्रतीक है। न्होंने लोगों से अपील की कि वे इस अवसर पर भाईचारे और शांति का संदेश फैलाएं और उत्सव को गरिमामय तरीके से मनाएं।


प्रशासन की तैयारियां

जिला प्रशासन ने तीन दिवसीय आयोजन के लिए सुरक्षा, यातायात, सफाई और चिकित्सा सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की है। पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित किए गए हैं, ताकि उत्सव सुचारू रूप से संपन्न हो सके। समापन समारोह में विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और सम्मान कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।