भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता संदीपनी भारद्वाज ने सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, हिमाचल प्रदेश द्वारा अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर की गई पोस्ट को लेकर कांग्रेस सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि एक संवैधानिक और सरकारी विभाग द्वारा सोशल मीडिया के माध्यम से भाजपा पर राजनीतिक टिप्पणी करना पूरी तरह अनुचित, निंदनीय और सरकारी मर्यादाओं के विरुद्ध है। संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि सरकारी विभागों का दायित्व जनता को सूचनाएं देना होता है, न कि सत्ताधारी कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता की भूमिका निभाना। उन्होंने आरोप लगाया कि हमीरपुर में आयोजित चिट्टा अवेयरनेस वॉकथॉन जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय को भी कांग्रेस सरकार ने राजनीतिक रंग देने का प्रयास किया।
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि विधानसभा में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि नशे के खिलाफ सभी राजनीतिक दल एकजुट होकर लड़ाई लड़ेंगे, लेकिन इसके बावजूद सरकारी कार्यक्रम में कांग्रेस के झंडे लगाए गए, जो उस सर्वदलीय भावना के विपरीत है। उन्होंने स्मरण कराया कि इससे पूर्व धर्मशाला विधानसभा क्षेत्र में भाजपा और कांग्रेस ने एक मंच पर नशे के विरोध में कार्यक्रम आयोजित किया था, लेकिन अब सरकार उस साझा संकल्प से पीछे हटती नजर आ रही है। उन्होंने कहा कि नशे के विरुद्ध लड़ाई में राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों का सहयोग लिया जाना चाहिए, लेकिन दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस सरकार ऐसे सामाजिक अभियानों का भी “कांग्रेसीकरण” कर रही है, जिससे जनता में गलत संदेश जा रहा है।
संदीपनी भारद्वाज ने सवाल उठाया कि नशे के बड़े सौदागरों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही और क्यों केवल छोटी मछलियों को पकड़कर मीडिया में प्रचार किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी के कुछ नेता स्वयं नशे के कारोबार के संरक्षक बने हुए हैं और जब तक उन पर कठोर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक नशा विरोधी अभियान केवल खोखले नारों तक सीमित रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय जनता पार्टी नशे के खिलाफ हर मंच पर मजबूती से खड़ी है और सरकार से मांग करती है कि सरकारी विभागों का राजनीतिक दुरुपयोग तुरंत बंद किया जाए तथा बड़े नशा तस्करों पर बिना भेदभाव सख्त कार्रवाई की जाए।