समाधान समारोह के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 31 जुलाई तक बढ़ाई गई
मामलों के सौहार्दपूर्ण समाधान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किए जा रहे “समाधान समारोह” के अंतर्गत आवेदन करने के इच्छुक वादकारियों और एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड (एआरओ) के लिए राहत भरी खबर है। सक्षम प्राधिकारी द्वारा इस कार्यक्रम के लिए आवेदन प्रस्तुत करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 31 जुलाई 2026 कर दी गई है। यह जानकारी अतिरिक्त मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) मंडी विवेक कायस्थ ने दी। उन्होंने बताया कि समय सीमा बढ़ाने का उद्देश्य अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को इस पहल का लाभ उठाने का अवसर प्रदान करना है।
31 जुलाई तक कर सकेंगे आवेदन
विवेक कायस्थ ने बताया कि पहले निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन न कर पाने वाले वादकारियों और एआरओ को अब अतिरिक्त समय दिया गया है। इच्छुक व्यक्ति अपने मामलों को समाधान समारोह के अंतर्गत विचारार्थ प्रस्तुत करने के लिए 31 जुलाई 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस अवधि विस्तार से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित होगी और उन्हें अपने मामलों के समाधान के लिए एक प्रभावी मंच प्राप्त होगा।
ऑनलाइन माध्यम से करना होगा आवेदन
सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने बताया कि आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी गई है। इच्छुक वादकारी और एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड भारत के सर्वोच्च न्यायालय की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध “SAMADHAN SAMAROH” टैब के माध्यम से निर्धारित गूगल फॉर्म भरकर आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन प्रक्रिया को सरल और सुविधाजनक बनाया गया है ताकि देश के विभिन्न हिस्सों से संबंधित लोग आसानी से अपने आवेदन प्रस्तुत कर सकें।
किन लोगों को मिलेगा लाभ?
यह सुविधा विशेष रूप से उन वादकारियों और एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड के लिए उपलब्ध है जो अपने मामलों को समाधान समारोह के माध्यम से विचारार्थ प्रस्तुत करना चाहते हैं। समाधान समारोह का उद्देश्य विवादों के निपटारे की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी, सरल और सुलभ बनाना है। इससे संबंधित पक्षों को न्यायिक प्रक्रिया के अतिरिक्त एक वैकल्पिक समाधान मंच उपलब्ध होता है।
सहभागिता बढ़ाने के लिए लिया गया निर्णय
विवेक कायस्थ ने बताया कि आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ाने का निर्णय अधिकाधिक वादकारियों और एआरओ की सहभागिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। कई बार तकनीकी या अन्य कारणों से इच्छुक व्यक्ति निर्धारित समय सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर पाते। ऐसे लोगों को अवसर प्रदान करने के लिए समय सीमा में विस्तार किया गया है।
न्याय तक आसान पहुंच की दिशा में पहल
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अनुसार समाधान समारोह जैसी पहलें न्याय तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इससे विवादों के समाधान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और जनहितैषी बनाने में मदद मिलती है। विधिक सेवा संस्थाएं लगातार ऐसे प्रयास कर रही हैं जिनसे आम नागरिकों को न्यायिक प्रक्रियाओं के बारे में जागरूक किया जा सके और उन्हें उपलब्ध विकल्पों की जानकारी मिल सके।
पात्र व्यक्ति समय रहते करें आवेदन
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी संबंधित वादकारियों, सेवाग्रहणकर्ताओं और एडवोकेट्स ऑन रिकॉर्ड से अपील की है कि वे विस्तारित समय अवधि का पूरा लाभ उठाएं और अंतिम तिथि से पहले अपना आवेदन जमा करें। उन्होंने कहा कि समय रहते आवेदन करने से प्रक्रिया को सुचारू रूप से पूरा करने में सुविधा होगी और मामलों पर समयबद्ध तरीके से विचार किया जा सकेगा।
विधिक जागरूकता को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रम न्याय व्यवस्था में लोगों के विश्वास को मजबूत करने के साथ-साथ वैकल्पिक विवाद समाधान प्रणालियों को भी प्रोत्साहित करते हैं। समाधान समारोह के माध्यम से अधिकाधिक लोगों को जोड़ने का प्रयास न्यायिक प्रणाली को अधिक सुलभ और प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मंडी ने सभी पात्र व्यक्तियों से आग्रह किया है कि वे 31 जुलाई 2026 तक उपलब्ध इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपने मामलों को समाधान समारोह के अंतर्गत प्रस्तुत करें और न्यायिक प्रक्रिया के इस विशेष मंच से जुड़ें।