नारग में सैंणधार उत्सव 20-21 दिसंबर को

rakesh nandan

15/12/2025

हिमाचल प्रदेश के गठन के लिए पहली बैठक आयोजित करने वाले जिला सिरमौर के ऐतिहासिक सैंणधार क्षेत्र की समृद्ध धार्मिक, आर्थिक और पारंपरिक संस्कृति को विश्व पटल पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से नारग में दो दिवसीय सैंणधार उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस उत्सव का एक प्रमुख उद्देश्य नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाना भी है। सराहां में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए सैंणधार उत्सव कमेटी की मुख्य फाउंडर भावना, दीपक ठाकुर, राजीव शर्मा ‘अन्नू भाई सिरमौरी’ तथा कमेटी सदस्य संजय अत्री, अजय शर्मा, सुशील शर्मा और मुकेश रात्रा ने बताया कि सैंणधार क्षेत्र जिला सिरमौर की तीन प्रमुख नदियों गिरी, जलाल और कव्वाल का संगम स्थल है और ऐतिहासिक, धार्मिक व सांस्कृतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण क्षेत्र रहा है।

उन्होंने बताया कि हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाई.एस. परमार भी इसी सैंणधार क्षेत्र से थे। बेचढ़ बाग से नारग कालाघाट तक की 27 पंचायतें इस क्षेत्र में आती हैं, जिनकी सांस्कृतिक विरासत को मंच प्रदान करने के उद्देश्य से यह उत्सव आयोजित किया जा रहा है। 20 दिसंबर को उत्सव का शुभारंभ जिला सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा करेंगी। उत्सव के पहले दिन महिलाओं के लिए मटका फोड़, रस्साकशी और कुर्सी दौड़ जैसी प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। प्रथम सांस्कृतिक संध्या में अरुण आर्य, कपिल और भारती शर्मा अपनी प्रस्तुतियां देंगे।

21 दिसंबर को समापन समारोह में जिला सिरमौर के पुलिस अधीक्षक निश्चित सिंह नेगी मुख्य अतिथि होंगे। इस दिन दंगल प्रतियोगिता उत्सव का मुख्य आकर्षण होगी। साथ ही, आगंतुकों के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। समापन सांस्कृतिक संध्या में दिलीप सिरमौरी, विकास शर्मा, विद्या दत्त शर्मा और अनुराधा प्रस्तुतियां देंगी। कमेटी ने बताया कि उत्सव के सफल आयोजन के लिए 8 उप-समितियों का गठन किया गया है। इस दौरान सैंणधार क्षेत्र की पारंपरिक वेशभूषा, लोक संस्कृति का मंचन किया जाएगा और क्षेत्र की पहचान बढ़ाने वाली विभूतियों को सम्मानित भी किया जाएगा।