5 अप्रैल को साईगलू क्षेत्र में बिजली रहेगी बंद

rakesh nandan

04/04/2026

हिमाचल प्रदेश में विद्युत व्यवस्था के सुधार और सुचारू संचालन के लिए 5 अप्रैल को कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। 33/22 केवी विद्युत उपकेन्द्र साईगलू में आवश्यक मरम्मत एवं पुनर्गठन कार्य के चलते यह अस्थायी बिजली कटौती की जा रही है।

सहायक अभियंता Vineet Thakur ने जानकारी देते हुए बताया कि यह कार्य विद्युत प्रणाली को अधिक बेहतर और सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इस दौरान उपभोक्ताओं को कुछ समय के लिए असुविधा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन यह कार्य भविष्य में बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक है।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार 5 अप्रैल को सुबह 10:00 बजे से सायं 5:00 बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। इस दौरान विद्युत उप-मंडल साईगलू के अंतर्गत आने वाले विभिन्न क्षेत्रों में बिजली नहीं रहेगी।

प्रभावित क्षेत्रों में अनुभाग साईगलू, गोखड़ा, बीर, कोटली, भरगांव तथा कड़कोह के अंतर्गत आने वाले कई गांव शामिल हैं। इनमें प्रमुख रूप से साईगलू, कसाण, सदयाणा, साई, पपराहल, धडयाना, बग्गी, गोखड़ा, बटाहर, सेहली, लोट, तल्याहड़, रन्धाडा, पधियूँ, तांदी, पतरोण, बीर, लाग, सदोह, तरनोह, धन्यारी, बरयारा, कोटली, समराहण, ढंढाल, सुरारी, सैण, भरगांव, अलग, कोट, कून, डवाहण, कड़कोह, लागधार, सताहन और खलाणू आदि क्षेत्र शामिल हैं।

बिजली विभाग के अनुसार यह कार्य तकनीकी रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे भविष्य में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और निर्बाध हो सकेगी। विभाग समय-समय पर इस तरह के रखरखाव कार्य करता है, ताकि विद्युत तंत्र में आने वाली संभावित समस्याओं को पहले ही दूर किया जा सके।

अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अवधि के दौरान आवश्यक तैयारियां पहले से कर लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। खासकर व्यापारिक प्रतिष्ठानों, कृषि कार्यों और घरेलू उपयोग के लिए बिजली पर निर्भर लोगों को इस समय के अनुसार अपनी योजना बनानी चाहिए।

इसके अलावा विभाग ने यह भी आश्वासन दिया है कि मरम्मत कार्य को निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि बिजली आपूर्ति जल्द से जल्द बहाल की जा सके।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के रखरखाव कार्य बिजली व्यवस्था को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इससे न केवल तकनीकी खामियों को दूर किया जाता है, बल्कि भविष्य में अचानक होने वाली बिजली कटौती की संभावना भी कम होती है।

कुल मिलाकर, यह बिजली कटौती एक अस्थायी असुविधा जरूर है, लेकिन लंबे समय में इससे उपभोक्ताओं को बेहतर और निर्बाध बिजली सेवा का लाभ मिलेगा।