ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा बैठक

rakesh nandan

11/03/2026

ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रगति पर समीक्षा बैठक

पंचायती राज एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। यह बैठक अतिरिक्त उपायुक्त ओम कांत ठाकुर की अध्यक्षता में उपायुक्त कार्यालय में आयोजित हुई। बैठक में ग्रामीण विकास से जुड़ी प्रमुख योजनाओं की प्रगति का विस्तृत मूल्यांकन किया गया और संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।


मनरेगा और अन्य योजनाओं की समीक्षा

बैठक के दौरान मनरेगा, स्वच्छ भारत मिशन तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) सहित कई योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में चल रहे कार्यों की नियमित निगरानी करें और निर्धारित समयसीमा के भीतर लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें।


स्वयं सहायता समूहों के साथ समन्वय पर जोर

बैठक में विकास विभाग द्वारा सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे अपने क्षेत्रों में कार्यरत स्वयं सहायता समूहों के साथ नियमित बैठकें आयोजित करें। इन बैठकों के माध्यम से समूहों की गतिविधियों की समीक्षा करने, उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन देने और विभिन्न सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को सुनिश्चित करने पर विशेष बल दिया गया। अधिकारियों को यह भी कहा गया कि स्वयं सहायता समूहों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर ग्रामीण विकास से संबंधित योजनाओं को गति प्रदान की जाए।


31 मार्च तक लक्ष्य हासिल करने के निर्देश

बैठक में सभी संबंधित इकाइयों को निर्देश दिए गए कि वे 31 मार्च 2026 तक निर्धारित लक्ष्यों की प्राप्ति सुनिश्चित करें। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, प्रगति की समीक्षा और फील्ड स्तर पर कार्यों की निगरानी को अनिवार्य बताया गया। अधिकारियों से कहा गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।


ग्रामीण अर्थव्यवस्था में एसएचजी की भूमिका

बैठक में यह भी बताया गया कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विभाग द्वारा इन समूहों को मजबूत बनाने और उनके कार्यों को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। अतिरिक्त उपायुक्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाए जा सकते हैं।


सभी भुगतान ऑनलाइन करने के निर्देश

बैठक में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सभी भुगतान ऑनलाइन माध्यम से करने के निर्देश दिए गए। अतिरिक्त उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि नकद लेन-देन से बचना चाहिए और डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।


जंगल क्षेत्रों में ट्रेंच और तालाब निर्माण

मनरेगा और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की समीक्षा करते हुए बीडीओ को निर्देश दिए गए कि वे वन विभाग के साथ समन्वय स्थापित करें। इसके तहत जंगल क्षेत्रों में ट्रेंच और तालाब निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इन कार्यों से जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।


जॉब कार्ड धारकों की ई-केवाईसी सुनिश्चित करने के निर्देश

बैठक में मनरेगा जॉब कार्ड धारकों की ई-केवाईसी 15 मार्च तक 100 प्रतिशत पूरी करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा पिछले वित्तीय वर्षों में स्वीकृत मनरेगा के लंबित कार्यों को 25 मार्च तक पूरा करने के लिए भी अधिकारियों को कहा गया।


अमृत सरोवर योजना के कार्यों में तेजी

बैठक में अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत चल रहे कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि इस योजना के तहत चल रहे सभी कार्यों को जल्द पूरा किया जाए और बनाए गए सरोवरों की स्वच्छता तथा रखरखाव सुनिश्चित किया जाए।


बैठक में अधिकारी रहे मौजूद

स अवसर पर जिला विकास अधिकारी यशपाल सहित पंचायती राज विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में ग्रामीण विकास योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और समयबद्ध कार्यान्वयन को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।