रूकमणी कुंड मेले का शुभारंभ, धर्माणी ने की घोषणाएं

rakesh nandan

13/04/2026

हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले में स्थित ऐतिहासिक एवं धार्मिक स्थल माता रूकमणी कुंड में बैसाखी पर्व के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय मेले का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर नगर एवं ग्राम नियोजन, आवास, तकनीकी शिक्षा तथा औद्योगिक प्रशिक्षण मंत्री राजेश धर्माणी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया और विधिवत पूजा-अर्चना कर मेले का उद्घाटन किया।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने माता रूकमणी की पूजा कर प्रदेश और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग उपस्थित रहे, जिससे पूरे क्षेत्र में धार्मिक आस्था और उत्साह का वातावरण बना रहा।

अपने संबोधन में मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि रूकमणी कुंड में आयोजित यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह त्याग और बलिदान की प्रेरणादायक परंपरा को जीवंत रखने का माध्यम भी है। उन्होंने विशेष रूप से महिलाओं के योगदान को रेखांकित करते हुए कहा कि समाज में महिलाओं की भूमिका हमेशा से महत्वपूर्ण रही है और उनके त्याग एवं समर्पण को सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि इस पावन अवसर पर समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता और संवेदनशीलता का भाव विकसित करने का संकल्प लिया जाए। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई उदाहरण हैं, जहां महिलाओं ने समाज और मानवता के लिए सर्वोच्च बलिदान दिए हैं, जिन्हें हमें सदैव याद रखना चाहिए।

मंत्री ने रूकमणी कुंड के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह स्थल न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि आसपास के गांवों में पेयजल और सिंचाई व्यवस्था में भी इसकी अहम भूमिका रही है। उन्होंने इस क्षेत्र के समुचित विकास पर जोर देते हुए कहा कि यहां बनाए गए सामुदायिक भवन, स्नानागार और अन्य सार्वजनिक परिसंपत्तियों का संरक्षण और रखरखाव सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

उन्होंने स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों से अपेक्षा की कि वे इन परिसंपत्तियों का संचालन पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ करें, ताकि यह स्थल आने वाली पीढ़ियों के लिए भी सुरक्षित और उपयोगी बना रहे।

राजेश धर्माणी ने इस अवसर पर राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं और बजट घोषणाओं का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में प्रस्तुत बजट 2026-27 ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने वाला है।

उन्होंने कहा कि सरकार ने किसानों, बागवानों, पशुपालकों और मछुआरों के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। दूध के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि करते हुए गाय के दूध का मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर और भैंस के दूध का मूल्य 61 रुपये से बढ़ाकर 71 रुपये प्रति लीटर किया गया है। इससे किसानों की आय में सीधा लाभ पहुंचेगा।

इसके अलावा, प्राकृतिक खेती से जुड़े उत्पादों—गेहूं, मक्का और हल्दी—के लिए भी MSP निर्धारित किया गया है। मछुआरों के लिए रॉयल्टी को 15% से घटाकर 7.5% और वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1% तक कम किया गया है। साथ ही मछली के लिए 100 रुपये प्रति किलो MSP और प्रजनन काल के दौरान 3500 रुपये सम्मान निधि देने की घोषणा की गई है।

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार सोलर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 2 मेगावाट तक के सोलर प्लांट पर 40% तक सब्सिडी दे रही है और उत्पादित बिजली को ₹3.50 प्रति यूनिट की दर से खरीद रही है। इसके अलावा, होमस्टे इकाइयों को बढ़ावा देने के लिए भी अनुदान प्रदान किया जा रहा है, जिससे पर्यटन और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद राज्य सरकार ने प्रदेश हित में कठोर कदम उठाते हुए 3800 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व अर्जित किया है और विकास कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया जा रहा है।

क्षेत्रीय विकास के संदर्भ में उन्होंने बताया कि औहर में एक बड़ी पर्यटन इकाई स्थापित की जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलेंगे। साथ ही रूकमणी कुंड के समग्र विकास के लिए एक मास्टर प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

इस अवसर पर कांग्रेस महासचिव विवेक कुमार, एसडीएम झंडूता अर्शिया शर्मा, बीडीओ संजीव कुमार और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

कुल मिलाकर, रूकमणी कुंड मेले का यह आयोजन धार्मिक आस्था, सामाजिक संदेश और विकास की योजनाओं का संगम साबित हुआ, जिसने क्षेत्र के लोगों में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।